संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्राइमरी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए जिले के चौथी और पांचवीं कक्षाओं को इस शिक्षा सत्र से एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत जोड़ा जाएगा। इससे तहत बच्चों को समूह में कार्य कराना, प्रोजेक्ट कार्य, प्रश्नाेत्तरी, राेल प्ले, खेल, माैखिक-लिखत प्रस्तुतिकरण जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। शारीरिक विकास, अभिव्यक्ति, क्रिएटीविटी, अपनी भावनाओं को समझना, अभिव्यक्त करना जैसी भावना पैदा की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने एफएलएन के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी है। पिछले साल पहली से तीसरी कक्षा को एफएलएन के तहत जोड़ा गया था। अब इस शिक्षा सत्र से चौथी से पांचवीं कक्षाओं को भी एफएलएन के तहत जोड़ा जाएगा। इस तरह तीन से 9 साल की उम्र तक के बच्चों की बुनियादी पढ़ाई पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। इसमें जिले के एबीआरसी मनोज त्यागी व विजय कुमार प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये दोनों ही आगे जिले के चौथी और पांचवीं के 524 शिक्षकों प्रशिक्षण देंगे।
भाषा और साक्षरता पर किया जाएगा कार्य
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत एफएलएन कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45-60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जाएगी। दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देना, 3-4 वाक्याें वाले पैराग्राफ पढ़ कर प्रश्नों के उत्तर देने, सिखाए गए अक्षरों की पहचान, सरल वाक्य वाले शब्दों को सटीकता के साथ पढ़ पाने की समझ पैदा की जाएगी।
वर्जन
इस शिक्षा सत्र से प्राइमरी की चौथी व पांचवीं कक्षा को एफएलएन के तहत शामिल किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को खेल-खेल में प्राथमिक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए एबीआरसी प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रशिक्षण के लिए गए हैं। वापस आकर एबीआरसी ही शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। - डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।