संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मुख्यमंत्री के आदेश पर शहर में बेसहारा पशुओं को लेकर नगर परिषद प्रशासन 16 फरवरी से विशेष अभियान चलाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने गोशाला संचालकों से बातचीत की है। इसके साथ ही अभियान को लेकर वीरवार को गोशाला संचालकों और पशु पकड़ने वाले ठेकेदार को बुलाकर विशेष बैठक की जाएगी। अधिकारियों की माने तो पशुओं को रखने के लिए गोशालाओं ने सहयोग देने की बात कही है। ऐसे में शहरवासियों को उम्मीद जगी है कि बेसहारा पशुओं के कारण सड़कों अब हादसे नहीं होंगे।
शहर में बेसहारा पशुओं के हालात विकट बने हुए हैं। मामले उठाने पर नगर परिषद की ओर से एक दो दिन अभियान चलाकर खानापूर्ति कर दी जाती है। अब पिछले लंबे समय से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान बंद है। ठेकेदार पशु को पकड़ने के लिए तैयार है, लेकिन शहर के नजदीक लगती गोशालाओं ने पशु लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ठेकेदार ने शहर से 10 किलोमीटर दायरे से दूर दूसरी गोशालाओं में पशु लेकर जाने से इनकार कर दिया था। यही कारण है कि नियमित रूप से पशु पकड़ो अभियान नहीं चलता है। शहर में बेसहारा पशुओं के संख्या की बात करे तो यह 3000 के करीब है।
अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में 16 फरवरी से 29 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर 60 हजार पशुओं को गोशालाओं में भिजवाने की घोषणा की है। इस घोषणा के तहत 16 फरवरी से यह विशेष अभियान चलाया जाएगा। इससे बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में शरण मिलेगी। शहर में बेसहारा पशुओं के हालात की बात करें तो डंपिंग प्वाइंटों पर सबसे ज्यादा बेसहारा पशु कचरा खाते हुए मिलते हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से सबसे पहले उन्हीं डंपिंग प्वाइंटों पर अभियान चलाया जाएगा, जहां पर बड़ी संख्या में पशु पहुंचते है।
कोट्स
गोशालाओं के साथ बातचीत की जा रही है। गोशालाओं में बेसहारा पशुओं को पहुंचाया जाएगा। अभियान निरंतर जारी रहेगा। - जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद