कृषि विभाग में जांच करते हुए सीएम फ्लाईंग की टीम।
सिरसा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने शुक्रवार को कृषि विभाग में उप निदेशक कार्यालय में छापा मारा। इसमें सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार व एएसआई इंस्पेक्टर साधुराम की टीम ने दस्तावेजों की जांच की। पांच घंटे तक टीम ने उप निदेशक कार्यालय में दस्तावेजों की जांच। जांच के दौरान प्रधानमंत्री किसान निधि योजना, धान की सीधी बिजाई योजना की विस्तृत जानकारी टीम ने ली। हालांकि सीएम विंडो और समाधान शिविर की शिकायतों को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं थी। समाधान शिविर की चार शिकायतें एक माह बाद भी पेंडिंग थी। उनका कोई समाधान नहीं किया गया था। दूसरी ओर 74 सीएम विंडो लंबित पाई गईं। जिसने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि धान के पौधरोपण के बजाय सीधी बिजाई करने पर किसानों को सरकार अनुदान स्वरूप चार हजार रुपये प्रति एकड़ देती है। पिछले वर्ष 2023- 24 में 11312 किसानों ने 88,823 एकड़ भूमि पर धान की सीधी बिजाई की थी। जिसको उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करवाया था। विभाग की ओर से 78,201 एकड़ भूमि का सत्यापन किया गया था। सरकार ने इसके लिए 31 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। कृषि विभाग की ओर से 30 करोड़ 9 लाख रुपये की राशि किसानों के खाते में डाली जा चुकी है। बची हुई राशि को प्रक्रिया चल रही है। योजना के दस्तावेजों की टीम ने जांच की।
सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए वर्ष 2016 से लेकर अब तक 1,34,584 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिनके लिए 3763626000 रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। सिरसा जिले में कीटनाशक व पेस्टीसाइड की टीन यूनिट चल रही है। पिछले साल इन यूनिटों के सात सैंपल लिए गए थे। जो सभी पास मिले थे।
एक फर्म के नाम दर्ज हुआ है केस
एएसआई साधु राम ने बताया कि सीएम फ्लाइंग की टीमें पूरे हरियाणा में कृषि विभाग के कार्यालयों में छापे मार रही हैं। इसी कड़ी में सिरसा में छापा मारा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 162 बीज, 40 खाद व 50 कीटनाशक के नमूने जांचे गए हैं। जिनमें कीटनाशक का एक नमूना निम्न किस्म का मिला है। संबंधित फर्म के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।