सिरसा। लोक निर्माण विश्राम गृह में शुक्रवार को नगर परिषद हाउस की बैठक हंगामेदार रही। पार्षद रूबी सेठी टाइफाइड ग्रस्त होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने अपने पति एवं पार्षद प्रतिनिधि दीपक सेठी को संदेश लेकर भेजा।
बैठक में पार्षद प्रतिनिधि ने लैपटॉप और ई-वाहन खरीद के प्रस्ताव पर अपनी बात रखनी चाही तो चेयरमैन ने कहा कि पार्षद प्रतिनिधि को बैठक में बोलने की अनुमति नहीं है। इसी बात पर माहौल गरमा गया। चेयरमैन के बेटे ने भी पार्षद प्रतिनिधि को टोका।
कुछ पार्षदों और प्रतिनिधि ने बैठक में चेयरमैन के बेटे व पीए की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। मामला बढ़ने पर चेयरमैन कुर्सी से उठ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। पार्षद प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने उन्हें यह तक कहा कि कमेटी में आएगा तो देख लूंगा।
इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के कई पार्षद नीचे रेस्ट रूम में पहुंच गए। उन्होंने चेयरमैन के रवैये पर नाराजगी जताई। पार्षदों ने कहा कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंडलायुक्त से की जाएगी।
डेढ़ करोड़ के ई-वाहन, 50 लाख के लैपटॉप पर सवाल
बैठक में अधिकारियों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन, कार और स्कूटी खरीदने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा पार्षदों के लिए करीब 50 लाख रुपये के लैपटॉप या टैब खरीदने का एजेंडा भी शामिल था। कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने इन प्रस्तावों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जनता के पैसे से अनावश्यक सामान खरीदने के बजाय वार्डों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों पर राशि खर्च की जानी चाहिए। पार्षदों ने सवाल उठाया कि उन्हें लैपटॉप या टैब उपलब्ध करवाने का आधार क्या है। उनका आरोप था कि प्रस्तावों पर पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से शिकायत की तैयारी
पार्षद दीपक बांसल, संजीव रातुसरिया, राजेंद्र जांगड़ा, अभिषेक कंबोज, मनमोहन मिड्ढा और पूजा सैनी ने चेयरमैन पर अपने स्तर पर फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ई-वाहन और लैपटॉप खरीद के प्रस्तावों पर पार्षदों से पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। वे मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे के दौरान उनके समक्ष मामला रखेंगे। हाउस की बैठक में हाजिरी और एजेंडे से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर मंडलायुक्त से भी शिकायत की जाएगी।
पार्षदों ने चेयरमैन के बेटे के सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि बेटे ने नौकरी छोड़कर कमेटी में जगह बनाई है और सरकारी कामों में उसका दखल बढ़ रहा है। पार्षदों ने इसकी जांच की मांग की।
नई कमेटियों का गठन, टाउन पार्क में 35 फीट ऊंचा तिरंगा लगाने का सुझाव
बैठक में वित्त समिति, कार्य समिति और स्वच्छता समिति के गठन को मंजूरी दी गई। पार्षदों के लिए लैपटॉप या टैब खरीदने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। इसके तहत इच्छुक पार्षदों को लैपटॉप या टैब उपलब्ध करवाने की बात कही गई। चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने कहा कि एजेंडे पार्षदों के समर्थन से पारित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना परिषद का प्रयास है। वार्ड छह के पार्षद प्रतिनिधि गोपीराम सैनी ने शहर के विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्ताव रखे। उन्होंने टाउन पार्क में करीब 35 फीट ऊंचा तिरंगा लगाने का सुझाव दिया।
बैठक छोड़ने के बजाय सदन में विरोध जताने की बात
कुछ कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि बैठक छोड़कर बाहर जाना उचित नहीं है। उनका कहना था कि भाजपा हो या कांग्रेस, सभी पार्षदों को सदन में रहकर अपना विरोध दर्ज करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक से बाहर आने पर हाउस में हलोपा का बहुमत बढ़ जाता है और विरोध के बावजूद एजेंडे पारित हो जाते हैं। लैपटॉप खरीद को लेकर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई। इस दौरान कुछ पार्षदों द्वारा यह कहे जाने की बात सामने आई कि लैपटॉप उनके बच्चों के काम आएगा। इस पर अन्य पार्षदों ने हैरानी जताई।
बैठक में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर भी सवाल
कुछ पार्षदों ने हाउस की बैठक में पार्षदों के परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बैठक में गैर-सदस्यों की मौजूदगी से कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग परिषद के कामकाज में हस्तक्षेप करते हैं और ठेकेदारों के साथ तालमेल रखते हैं। पार्षदों ने इस व्यवस्था पर भी चिंता जताई।
पहली बार शहर के विकास को लेकर रखे गए नए प्रस्ताव
वार्ड छह के पार्षद प्रतिनिधि गोपीराम सैनी ने शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर कई सुझाव रखे। इनमें टाउन पार्क में करीब 35 फुट ऊंचा तिरंगा लगाने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। उनका कहना है कि इससे शहर की पहचान मजबूत होगी और राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा मिलेगा।
पार्षद प्रतिनिधि के साथ कोई विवाद नहीं हुआ है। बेवजह माहौल बनाया जा रहा है। सभी पार्षदों की सहमति से एजेंडे पास किए गए हैं। बैठक में 25 पार्षद शामिल हुए थे। - वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन।