सिरसा। नगर परिषद के 2016 में हुए चुनाव में बूथ पर पत्थरबाजी करने के मामले में न्यायालय ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में शहर थाना पुलिस ने ड्यूटी सुपरवाइजर डीटीपी कर्मवीर सिंह के बयान पर एफआईआर दर्ज की थी।
जानकारी के अनुसार 25 सितंबर 2016 को सिरसा में नगर परिषद चुनाव को लेकर मतदान हो रहा था। डीटीपी कर्मवीर सिंह की वार्ड नंबर 12 में बतौर सुपरवाइजर ड्यूटी लगी हुई थी। दोपहर करीब ढाई बजे सुपरवाइजर कर्मवीर सिंह वार्ड नंबर 12 के बूथ नंबर 47 से 51 राजकीय प्राथमिक पाठशाला नजदीक शाह सतनाम सिंह चौक पर पहुंचे। यहां पर काफी भीड़ थी। पुलिस भीड़ को बूथ परिसर से बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी कि अचानक भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिससे पुलिस कर्मचारियों व अन्य सरकारी कर्मचारियों को चोट आई।
भीड़ ने पत्थरबाजी कर सरकारी बोलेरो गाड़ी व पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में इस बूथ पर चुनाव संपन्न कराया गया। पुलिस ने सुपरवाइजर कर्मवीर सिंह की शिकायत पर बयान दर्ज करके जांच उपरांत सिरसा निवासी सूरज प्रकाश, बिमला पत्नी लक्ष्मी नारायण, रमेश कुमार पुत्र राम रत्ती, कृष्ण कुमार पुत्र श्याम लाल, आत्माराम पुत्र प्यारे लाल,परमजीत पुत्र करतार सिंह, सोनू कुमार पुत्र फूल चंद, सुरेश कुमार पुत्र जीत राम, अमर सिंह पुत्र दौलत राम, विजय कुमार पुत्र राम निवास, राम कृष्ण पुत्र ओमप्रकाश व सुरेश कुमार पुत्र राम चंद्र को आरोपी बनाया था। इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश पूजा सिंगला ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।