हिसार से सिरसा जाने वाले दिल्ली-फाजिल्का नेशनल हाईवे पर गांव चिकनवास के नजदीक रविवार दोपहर इंडिगो कार और कैंटर की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई।
इसमें सिरसा की कोर्ट कॉलोनी निवासी चरणजीत सिंह के परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। व्यापारी चरणजीत और उनका बेटा लक्ष्य भी निजी अस्पताल में भर्ती है।
व्यापारी हिसार में अपने साले इंद्रजीत के घर से जागरण में शिरकत कर दोपहर करीब डेढ़ बजे वापस आ रहे थे। जैसे ही यह सूचना कोर्ट कॉलोनी में पहुंची तो यहां मातम और सन्नाटा छा गया।
पड़ोसियों को इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा था कि हंसता-खेलता पूरा परिवार एक ही झटके में तबाह हो गया। अब इस परिवार में केवल बाप-बेटा ही बचा।
हालत यह थी कि बाप-बेटे के भी निजी अस्पताल में भर्ती होने की वजह से सिरसा वाले घर में सन्नाटा पसरा हुआ था।
इस हादसे में कोर्ट कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय राजरानी, उनकी बेटी 17 वर्षीय दीपिका, 65 वर्षीय ससुर हरबंस, 20 वर्षीय बेटा हिमांशु और उसका चचेरा भाई हिसार का जवाहर नगर निवासी 22 वर्षीय मोहित मौत के आगोश में चले गए।
इसके अलावा राजरानी के पति चरणजीत और उनका बेटा लक्ष्य घायल हो गए। दीपिका बीकॉम की छात्रा थी और हिमांशु पिता के साथ कारोबार देखता था।
चरणजीत सिंह के डबवाली रोड पर तीन बडे़ व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। बताया जा रहा है कि चरणजीत सिंह की एक ऑटो पार्ट्स की दुकान है और एक ऑक्सिजन फिलिंग सेंटर है।
सिरसा से भी हिसार पहुंचे करीबी
शाम को परिवार के लोगों की मौत का समाचार जैसे ही कोर्ट कॉलोनीवासियों तक पहुंचा चारों तरफ मातम पसर गया। हर किसी की आंखें नम थी।
सभी पड़ोसी व पारिवारिक लोग हिसार रवाना हो गए थे। डबवाली रोड के ऑटो पार्ट्स व्यवसायी अनिल कुमार, पारिवारिक मित्र राजेश कुमार और संदीप कुमार ने बताया कि पूरा परिवार मिलनसार था और हर किसी के दुख में साथ दिया करते थे।
अनिल कुमार के अनुसार यह पूरा परिवार धार्मिक प्रवृति का है। उन्हें तो अब भी यकीन नहीं हो रहा कि इतना बड़ा हादसा हो गया है।
ओवरटेक के चक्कर में गई पांच जान
गांव चिकनवास में सड़क हादसे में पांच लोगों की जान ओवरटेक के कारण चली गई। गाड़ी सिरसा की कोर्ट कॉलोनी निवासी हिमांशु चला रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि अचानक गाड़ी सामने से आ रहे कैंटर के नीचे घुस गई। आगे-पीछे जा रहे वाहन चालकों ने तब देखा जब अचानक जोर का धमाका हुआ।
धमाके के साथ इंडिगो की छत फट गई और कंडक्टर साइड की खिड़कियां टूट गई। परिवार के छह लोगों राजरानी, दीपिका, हरबंस, मोहित, लक्ष्य और चरनजीत को मौके पर मौजूद राहगीरों ने निकाल लिया लेकिन, चालक गाड़ी में ही फंसा रहा।
हादसे में पिता चरणजीत व पुत्र लक्ष्य तो बच गए, लेकिन उनका पूरा परिवार खत्म हो गया। हादसे में चरणजीत के भाई का भी इकलौता बेटा मोहित मारा गया।