सिरसा। दिल्ली व चंडीगढ़ रूट पर चलने वाली रोडवेज बसें बहादुरगढ़ व अंबाला से ही वापस आ रही हैं। इससे आगे का रास्ता यात्रियों को अपने स्तर पर ही तय करना पड़ता है। इस वक्त हरियाणा रोडवेज की बमुश्किल एक या दो बस ही दिल्ली तक पहुंच रही हैं। उन्हें भी निजामपुर के रास्ते से पहुंचने में करीब अढ़ाई घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है।
किसान आंदोलन को शुरू हुए 11 दिन का समय बीत चुका है। तभी से परिवहन सेवा बाधित है। इनमें सबसे अधिक समस्या पंजाब और दिल्ली तथा चंडीगढ़ रूट पर है। शुरुआत से ही यह रूट प्रभावित चल रहे है। आंदोलन के चलते पंजाब रोडवेज की बसें भी पूरी तरह से बंद हैं। वहीं हरियाणा रोडवेज की बसें डबवाली, मानसा, दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए नहीं जा रही है। इसके अतिरिक्त हनुमानगढ़ से दिल्ली व गंगानगर से दिल्ली जाने वाली राजस्थान डिपो की दो बसें भी बंद हैं। सिरसा बस अड्डा से रवाना होने वाली बसें दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बहादुरगढ़ तक पहुंचा रही हैं। वहीं चंडीगढ़ वाली बस केवल अंबाला तक ही पहुंच पाती है। इसके आगे यात्रियों को किसी अन्य बस या फिर निजी वाहन का इंतजाम कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।
दिल्ली की कम हुई बुकिंग
दिल्ली जाने वाली बस में सामान्य दिनों में हर रोज 35 से 40 हजार रुपये की बुकिंग होती थी। किसान आंदोलन के चलते अब 17 से लेकर 25 हजार के बीच ही हो पाती है। वहीं हनुमानगढ़ व गंगानगर मार्ग पर चलने वाली राजस्थान बसों में 50 हजार रुपये की बुकिंग की जाती है अब घटकर 20 हजार रुपये तक रह गई है।
डबवाली के लिए दिन में 2 से 3 बसें
डबवाली हाईवे पर बने घग्गर पुल पर पुलिस ने मुख्य नाका लगा रखा है। यहां से डबवाली के लिए बसों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। लेकिन इसके बावजूद अन्य गांव की लिंक रोड से डबवाली के लिए रोडवेज की 2 से 3 बसें ही पहुंच पाती है। इस बसों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दो घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।
जहां तक संभव है वहां तक यात्रियों को पहुंचाया जा रहा है। डबवाली रोड पर नाका लगाए जाने की वजह से लिंक रोड से डबवाली के लिए बसें चलाई जा रही है।
-नंदलाल इंचार्ज, सिरसा डिपो।