फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें होने लगीं दुरुस्त

Sun, 14 Apr 2024 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने राजस्थान और पंजाब जाने वाले हाईवे बंद कर दिए थे। जिसके कारण लिंक रोड से लोगों को अपने गंतव्य तक जाना पड़ा था। ट्रकों से लेकर बसे तक अपने गंतव्य तक जाने के लिए इन लिंक रोड यानी ग्रामीण सड़कों का उपयोग कर रही थी। जिस कारण इन सड़कों की हालत काफी खस्ता हो गई।
विज्ञापन

अब जब लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं और किसान आंदोलन ठंडा पड़ा हुआ है तो ऐसे में प्रशासन ने इन सड़कों की सुध लेनी शुरू कर दी है। प्रशासन ने इन सड़कों को बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। बता दें कि सिरसा शहर से डबवाली हाईवे पर जाने के लिए गांव झोपड़ा व नेजाडेला कलां से मल्लेकां होते हुए सहारणी गांव से लोग खैरेका से डबवाली हाईवे पर पहुंच रहे थे। इन गांवों की सड़कों से ट्रैक्टर ट्राॅली, दुपहिया और चोपहिया वाहन ही गुजरते थे। इन वाहनो के चलने से ये सड़के सालों तक टूटने वाली नहीं थी। लेकिन किसान आंदोलन में भारी वाहन गुजरने के चलते 10 दिन में ही ये सड़कें टूटनी शुरू हो गई थी।
ऐसे में गांव मल्लेकां से सहारणी की लिंक रोड को लोगों को बोर्ड लगाकर बंद करना पड़ा था, ताकि कोई हादसा न हो जाए। वहीं गांव मल्लेकां से नेजाडेलां की सड़क भी टूट गई थी। धूल मिट्टी के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। ऐसे में अब प्रशासन ने गांव मल्लेकां से नेजाडेला की सड़क को बनाना शुरू कर दिया है। जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन

बिटुमिन की बनी हुई थीं सड़क
गांवों में लिंक रोड को बिटुमिन से बनाया जाता है। सड़क को बीच से ऊंचा उठाया जाता है, ताकि पानी खेतों में चला जाए। जब लिंक रोड पर डबल लाइनों में वाहन गुजरते तो साइडों से सड़कें टूटनी शुरू हो गई। इतना ही नहीं, तारकोल से बनी इन सड़कों के नीचे किसानों की डाली गई पाइप लाइन भी कई जगह से टूट गई। जिससे सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें