- कैपिंग और पंजीकरण-वेरिफिकेशन की शर्तों का विरोध, मांगें पूरी न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। धान खरीद में देरी, जिलेवार खरीद सीमा और फसल पंजीकरण-सत्यापन की दिक्कतों के विरोध में भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने रविवार को रोड़ी अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विरोध में नारेबाजी की।
हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर यह प्रदर्शन आयोजित हुआ। इसमें किसानों और मजदूरों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताया। बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है पर खरीद शुरू नहीं हुई है।
उन्होंने जिलेवार धान खरीद पर लगी सीमा तत्काल हटाने की मांग की। फसल कटाई के लिए कंबाइन का समय तय करने को भी कहा। औलख ने 21 से 27 सितंबर तक पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों का पंजीकरण और सत्यापन जल्द पूरा करने की मांग की।
इससे किसान एमएसपी पर अपनी फसल बेच सकेंगे। रोड़ी मंडी में 27 सितंबर से करीब 2300 क्विंटल धान पड़ा है। इसमें भूपेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, जंटा सिंह और सेवा सिंह का धान शामिल है। किसानों के अनुसार, धान में 12 से 15 फीसदी नमी होने के बावजूद खरीद नहीं हुई।
चोरी का खतरा बताया
औलख ने बताया कि मंडी में पड़ी फसल की चोरी का खतरा बना हुआ है। भूपेंद्र सिंह की धान चोरी होने का दावा भी किया गया। उन्होंने डीएमई राहुल कुंडू से फोन पर मंडियों की स्थिति पर बात की। डीएमई ने राइस मिलरों के पंजीकरण के बाद सोमवार से खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया। बीकेई ने सभी मंडियों पर खरीद खर्च और मजदूरी की जानकारी वाले फ्लेक्स बोर्ड लगाने की मांग भी रखी।