उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव आर के खुल्लर की अध्यक्षता में बैठक में दिए गए आश्वासन को पूरा न करने के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। कर्मचारियों ने सोमवार को पीएचसी पनीहारी, पीएचसी खेरेकां, पीएचसी रोड़ी, सीएचसी मंडी कालावांली, सीएचसी चोपटा, सीएचसी ऐलनाबाद, पीएचसी ओढां, गांव बप्पां, बणी, केहरवाला में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अगले सप्ताह तक मांगों के समाधान की बात कही थी। यूनियन ने फैसला किया है कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आशा वर्कर्स की हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल 10 अक्तूबर तक जारी रहेगी। 8 अक्तूबर को प्रदेश की आशा वर्कर्स करनाल में ललकार रैली में शामिल होगी।
ऐलनाबाद व चोपटा में किया प्रदर्शन
आशा वर्कर्स ने चौपटा में ताऊ देवीलाल चौक के समक्ष प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया। वहीं, ऐलनाबाद में भी रोष प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री पुतला फूंका। आशा वर्करों ने शहर के चौधरी देवीलाल पार्क से मुख्य बाजार, अनाज मंडी, पंचमुखी चौक होते हुए देवीलाल चौक पर पहुंचे। कर्मचारियों के धरने को सोमवार को किसान सभा की टीम दीवान सहारण, बीकेयू जिलाध्यक्ष भरत झाझड़ा, संजय सहारण, रामभगत रिटायर्ड कर्मचारी, हरीसिंह, देवीलाल ने भी अपना समर्थन दिया। इस मौके पर ऐलानाबाद से जिला सचिव प्रोमिला, जिला सचिव संजना, आंगनबाड़ी जिला सचिव रजनी, राजबाला, मधू, सुमन, बलविंद्र, मंजू, नामकोरी, चोपटा ब्लॉक प्रधान मीनाक्षी, विद्या, दर्शना शर्मा, सलोचना, रोशनी, आशा, गुलाबी, ममता, रेखा, प्रमिला, सुनीता सहित किसान यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।