ओढां। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आप एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं तो आपको वैक्सीन की सुविधा नहीं मिलेगी। आपको वैक्सीन लगवाने के लिए 10 किलोमीटर दूर कालांवाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने की सलाह दी जाएगी। यदि कालांवाली नहीं जाना चाहते तो आप अपने स्तर पर वैक्सीन बाजार से खरीद कर लगवाएं।
सीएचसी ओढ़ां में यह समस्या अब देखने को नहीं मिली है। पिछले छह माह से ऐसे ही हालात हैं। सीएचसी में कार्यरत फार्मासिस्ट की माने तो वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए सीएमओ ने ओढ़ा से मरीज कालांवाली भेजने के आदेश दिए हैं। ऐसे में अगर किसी को कुत्ता काटता है तो उसे वैक्सीन लगवाने के लिए दस किलोमीटर दूर कालांवाली ही जाना पड़ेगा। सीएचसी ओढां के अंतर्गत तीन पीएचसी सहित करीब 30 गांव आते हैं। सीएचसी में हर माह 30 से 40 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए लोग आते हैं। ऐसे में सीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध न होना लोगों के लिए परेशानी भरा है।
बीपीएल व गुलाबी कार्ड धारकों को नि:शुल्क वैक्सीन लगाने का प्रावधान
कुत्ते के काटे जाने पर लगने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन सरकार की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों में बीपीएल व गुलाबी कार्ड धारकों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गई है। आम वर्ग के लोगों को वैक्सीन के लिए 100 रुपये फीस देनी पड़ती है। यह वैक्सीन अगर निजी रूप से खरीदें तो इसकी कीमत 380 रुपये के आस पास है। कुत्ते के काटे जाने पर व्यक्ति को 3 से 5 वैक्सीन लगवाना अनिवार्य होता है।
विभाग ने यह दिया तर्क
सीएचसी ओढां के फार्मासिस्ट सुंदरपाल ने बताया कि पहले सीएचसी में वैक्सीन लगती थी। एक दवा की किट में पांच डोज होती है। एक डोज लगाने के बाद चार डोज और इस्तेमाल में लाने के लिए मरीजों का होना जरूरी है। कुछ ही घंटों में डोज खराब हो जाती है। इसी बर्बादी को रोकने के लिए सीएमओ ने आदेश दिए हैं कि ओढ़ां के बजाय वैक्सीन कालांवाली सीएचसी में लगेगी।
एंटी रेबीज वैक्सीन व हिमोफीलिया इंजेक्शन ओढां सीएचसी में उपलब्ध करवाने की मांग
विभाग ने उक्त वैक्सीन की बर्बादी रोकने को लेकर कालांवाली सीएचसी को डोज लगाने का केंद्र बना दिया। लोगों को ओढ़ां से 10 किलोमीटर दूर कालांवाली जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में निजी तौर पर खरीदने पर डोज करीबन 380 रुपये के आस पास पड़ती है। गांव नुहियांवाली निवासी जगदीश कुमार, गांव घुंकावाली निवासी कृष्ण सिंह ने बताया कि वे वैक्सीन की डोज लगवाने के लिए सीएचसी ओढां आए थे। जहां उन्हें जवाब मिला कि कालांवाली जाओ। सीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ-साथ रक्तस्त्राव रोकने वाला हिमोफीलिया इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं है। उक्त दोनों इंजेक्शन के लिए कालांवाली जाना पड़ता है। लोगों ने विभाग से मांग करते हुए कहा कि एंटी रेबीज वैक्सीन व हिमोफीलिया इंजेक्शन दोनों सुविधाएं ओढां सीएचसी में उपलब्ध करवाई जाए।
वर्जन
एंटी रेबीज की एक किट में पांच डोज होती है। एक डोज निकाल ली जाए तो बाकी की डोज कुछ घंटों बाद खराब हो जाती है। इसी बर्बादी को रोकने के लिए कालांवाली सीएचसी में डोज लगाने के आदेश दिए गए हैं। वहां दोनों सीएचसी के अधीन गांवों को एक ही जगह कवर किया जा सके। ओढ़ां में लोगों को कितनी परेशानी आ रही है, इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। - एमके भादू, सिविल सर्जन (सिरसा)
सीएचसी ओढां। (संवाद)