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अंकुर हत्याकांड : कार्रवाई न होने पर पुलिस को सौंपी थी चूड़ियां, अगले दिन ली परिवार की सुरक्षा वापस

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घटना के बारे में बताती अंकुश प्रजापति की बहन अंबिका प्रजापति। विज्ञप्ति - फोटो : Sirsa
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सिरसा। कालांवाली में करीब सात माह पहले हुए अंकुर हत्याकांड मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाई। ऐसे में गुस्साए परिजनों ने पुलिस को चूड़ियां सौंप दी। इस घटनाक्रम से पुलिस नाराज है। अब परिवार के सदस्यों को दी गई पुलिस सुरक्षा भी वापस ले ली है। गई। पुलिस के इस रवैये से क्षेत्र के लोगों में रोष है। विधायक ने भी पुलिस के इस कदम पर नाराजगी जाहिर की है।
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मृतक अंकुर की बहनों ने रक्षाबंधन के दिन पुलिस को चूड़ियां सौंपी। परिवार की बेटी अंबिका प्रजापति ने बताया कि उसके भाई अंकुर प्रजापति की हत्या 7 माह पहले हुई थी। पुलिस ने इस गुत्थी को नहीं सुलझाया तो रक्षाबंधन पर पुलिस को चूड़ियां भेंट की। उस दिन पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का विश्वास दिलाया था लेकिन रक्षाबंधन के अगले ही दिन 23 अगस्त को पुलिस ने सुरक्षाकर्मी वापिस ले लिए। अंबिका ने सवाल उठाया कि क्या अब उनका परिवार सुरक्षित हो गया है।
परिवार बोला- आज भी भय के साये में जीने को मजबूर
अंबिका प्रजापति ने कहा कि आज भी रात को नींद नहीं आती है। पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परिवार को डर सता रहा है कि कातिल कौन थे। किस मकसद से आए थे और आगे क्या करेंगे। क्योंकि अभी तक पकड़े नहीं गए है। बहन ने कहा कि अगर हमारे परिवार को कुछ होता है तो पुलिस जिम्मेदार होगी। परिवार में अंकुर के दादा ओम प्रकाश लुहानी ने कहा कि उक्त मामला ठंडे बस्ते में है। परिवार को सुरक्षा मिली थी। चूड़ियों से नाराज होकर छोटी-छोटी बच्चियों व परिवार से सुरक्षाकर्मी वापिस ले लिए गए। पूरे परिवार को डर है। अंकुर के कातिल पकड़े जाने चाहिए। परिवार को सुरक्षाकर्मियों की जरूरत है क्योंकि परिवार भय के माहौल में है।
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विधायक ने जतायी नाराजगी
कालांवाली के कांग्रेस के विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि 7 महीने बीतने के बाद कातिल नही मिले तो दर्द के चलते बहनों ने चूड़िया भेंट की। इस पर द्वेष भावना के चलते सुरक्षाकर्मी वापस लिए गए हैं। विधायक ने कहा कि पुलिस और सरकार का मुखोटा जनता के सामने आया है। विधानसभा सत्र में भी उक्त मुद्दे को उठाने का काम करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कातिल नहीं मिलते और सुरक्षाकर्मी नहीं मिलते तो चूड़ियां बार-बार दी जाएंगी।
ये था पूरा मामला
कालांवाली में 18 जनवरी की रात को वार्ड नंबर तीन में महावीर प्रजापति के घर अज्ञात लुटेरों ने हमला किया और मारपीट की। बचाव में पड़ोसी युवक अंकुर प्रजापति गया तो लुटेरों ने अंकुर को गोली मार दी। 22 जनवरी को उपचार के दौरान अंकुर की मौत हो गई। अभी तक पुलिस कातिल लोगों का सुराग नहीं लगा पाई है। परिवार ने 27 जनवरी को गांधीगीरी से पुलिस थाना के सामने प्रदर्शन किया। फिर 27 फरवरी को प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज से अंबाला में मिलें और फिर 4 मार्च को कैंडल मार्च निकाला। 20 मार्च को धरना दिया और फिर रक्षाबंधन के दिन 22 अगस्त को अंकुर की बहन अंबिका और अमृततांशी ने पुलिस को चूड़ियां भेंट की।
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रिव्यू करवा रहे हैं : एसपी
हम रिव्यू करवा रहे हैं कि परिवार को वाकई पुलिस सुरक्षा की जरूरत है या नहीं। रिव्यू रिपोर्ट आने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
- डॉ. अर्पित जैन, एसपी, सिरसा।
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