रोड़ी। गांव मलड़ी में बढ़ते नशे के कथित कारोबार के खिलाफ शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं श्मशान घाट में एकत्रित हुए। उन्होंने नशे के खिलाफ विरोध जताया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में नशीली दवाओं की उपलब्धता बढ़ रही है लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोरों पर नियमों के विरुद्ध नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। लवप्रीत सिंह ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है। उनके अनुसार 15 वर्ष तक के किशोरों को भी नशीली दवाएं आसानी से मिलने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि नशे का असर अब परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। उनका दावा है कि कुछ युवा नशे की लत पूरी करने के लिए घर का गेहूं और मोबाइल तक बेच रहे हैं। इससे परिवारों के सामने आर्थिक संकट बढ़ रहा है।
श्मशान घाट में भी नशे का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार गांव के श्मशान घाट में कुछ युवक नियमित रूप से बैठते हैं। आरोप है कि यहां नशे का सेवन किया जाता है। ग्रामीणों ने यहां नशे के सेवन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने का भी दावा किया। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर ऐसी गतिविधियां चिंता का विषय हैं। ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मेडिकल स्टोरों की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही गांव में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की मांग की गई।
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गांव में मेडिकल स्टोरों पर नशा खुलेआम मिलने का आरोप है। 15 साल के बच्चों तक नशीली दवाएं पहुंचना बेहद गंभीर स्थिति है। प्रशासन को मेडिकल स्टोरों की जांच कर बिक्री पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। - लवप्रीत सिंह, ग्रामीण।
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नशे के बढ़ते चलन से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई परिवार आर्थिक संकट झेल रहे हैं। मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच हो और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। - बलजीत सिंह, ग्रामीण।
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बच्चों को नशे की ओर जाते देखना बेहद दुखद है। छोटे बच्चों तक नशीली दवाएं पहुंचना पूरे समाज के लिए खतरे की घंटी है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - पाल कौर, ग्रामीण।
-नशे के बढ़ते प्रचलन से महिलाओं में डर और चिंता बढ़ रही है। केवल कार्रवाई का भरोसा नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कदम दिखाई देने चाहिए। युवाओं के इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था भी जरूरी है। - जसवीर कौर, ग्रामीण।
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नशे ने गांव के माहौल को प्रभावित किया है। प्रशासन को लगातार अभियान चलाना चाहिए। स्कूल और गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम हों। युवाओं को खेल और रोजगार से जोड़ने के साथ नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। - मनजीत कौर, पूर्व पंच।