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Sirsa News: रजिस्ट्रार की दखलअंदाजी के बाद अलग से ली कॉलेजों में परीक्षाएं

Sat, 25 Nov 2023 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा।
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की ओर से सिरसा और फतेहाबाद में बनाए गए 31 सेंटरों पर शनिवार को यूजी की परीक्षाएं हुईं। सिरसा में परीक्षार्थियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी नेशनल कॉलेज के विद्यार्थियों को उठानी पड़ीं। विवि प्रशासन की ओर से इन विद्यार्थियों के रोल नंबर जारी नहीं है और जिनके हुए उनमें सेंटर नहीं दर्शाया गया था। इस कारण दो घंटे तक इन परीक्षार्थियों को विवि के चक्कर काटने पड़े। परीक्षार्थियों की समस्याओं की जानकारी मिलने पर छात्र संगठन बीच में आए और रजिस्ट्रार से बातचीत की। रजिस्ट्रार की दखलअंदाजी के बाद नेशनल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट ने परीक्षार्थियों की परीक्षाएं लीं। ऐसे में दो घंटे से देरी की बाद विशेष रूप से विद्यार्थियों ने परीक्षाएं दीं।
बता दें कि विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को स्नातक की परीक्षाएं आयोजित करवाई गई। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को रोल नंबर ही नहीं जारी किए गए। इस कारण राजकीय नेशनल कॉलेज, राजकीय महिला कॉलेज, राजकीय कॉलेज भोड़िया आदि कॉलेजों में परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि विवि प्रशासन ने किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा देने से वंचित नहीं रहने दिया। रोल नंबर नहीं होने के कारण कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश नहीं दिया और विश्वविद्यालय से लिखवाने की बात कही। ऐसे में छात्र परीक्षा को छोड़कर विश्वविद्यालय की ओर भागे। छात्र जतिन कुमार, गगन व सुनील कुमार ने बताया कि इस दौरान विश्वविद्यालय में करीब 1 से दो घंटे तक घूमते रहे। ऐसे में छात्र संघ ने रजिस्ट्रार से कॉलेजों में फोन कर परीक्षा में बैठने की प्रार्थना की। जिसके बाद छात्रों को परीक्षा में बैठने का मौका दिया गया।
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प्रवेश पत्र में नहीं था सेंटर का नाम
जिन परीक्षार्थियों के रोल नंबर जारी हुए, उन्हें भी कॉलेजों की ओर से परीक्षाएं नहीं देने दीं। इन एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम ही नहीं लिखा गया था। ऐसे में शिक्षकों को ये पता नहीं लगा रहा था कि छात्र कहां से हैं। इस कारण शिक्षकों ने छात्रों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया। वहीं कुछ परीक्षार्थियों की परीक्षाएं फीस स्लीप देखकर हुईं। जिन छात्रों के री अपीयर की परीक्षाएं देनी थी, उसमें भी अनियमितताएं देखने को मिली। रीअपीयर की परीक्षा में एक विषय का पेपर विद्यार्थियों को देना था लेकिन पेपर पर दो विषय लिखे हुए थे। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।


अब कैसे जारी होगा परिणाम, छात्रों के पेपर में कोड ही नहीं हुए जारी
परीक्षा दे रहे छात्रों की आंसर शीट की पहचान के लिए पेपर पर दायें ओर एक कोड दिया होता है। जिसे सभी छात्र कॉलेज की ओर से दी गई आंसर शीट में भरते हैं, ताकि पता चल पाए कि इस रोल नंबर की ये पेपर है। शनिवार को आयोजित परीक्षा में विश्वविद्यालय पेपर कोड डालना ही भूल गए। प्रथम दिन परीक्षा दे रहे छात्रों को पेपर पर कोड ही नहीं मिला। जिसका विरोध छात्रों ने किया। छात्र नेता सुमित मेहता ने कहा कि जिस प्रकार से परीक्षाएं आयोजित हुई हैं, उसमें अगर कोई फर्जी छात्र भी परीक्षा दे गया हो तो इसका किसी को पता नहीं चलेगा। छात्र संघ की ओर से विश्वविद्यालय से प्रार्थना की गई थी कि परीक्षा की डेटशीट आगे कर दी जाए। लेकिन विश्वविद्यालय ने नहीं मानी।
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नेशनल कॉलेज में कुछ दिक्कत आई थी। जिसका समाधान करवा दिया गया था। कुछ कमियां रही होंगी, लेकिन कोई छात्र परीक्षा देने से वंचित नहीं रहा। सभी विद्यार्थियों ने आज परीक्षा दी है।
-आरके बंसल, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू
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