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भारतगौरवशतकम किताब को लेकर उपायुक्त से मिली छात्राएं, डीसी ने एडीसी को दिए जांच के आदेश

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प्रिंसीपल से बात करते हुए एडवोकेट जी एस किंगरा। - फोटो : Sirsa
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राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने प्रिंसिपल द्वारा छात्रवृत्ति फार्म पर हस्ताक्षर करवाने के बदले में भारतगौरवशतकम किताब छात्राओं को देने व उनकी वेशभूषा पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर बुधवार को छात्राएं डीसी से मिलीं। डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया और छात्राओं के बयान भी दर्ज कराए।
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वहीं इस मामले को लेकर पहले बुधवार को जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट जीएस किंगरा छात्राओं का पक्ष रखते हुए नेशनल कॉलेज के प्रिंसिपल से मिले। प्रिंसिपल ने उन्हें कहा कि वे इस किताब के आधार पर छात्राओं की वाद-प्रतियोगिता भी आयोजित करवाएंगे। यदि प्रशासन किसी बात पर जवाब मांगेगा तो वे इसका जवाब दे देंगे। इसी बात को लेकर पूर्व प्रधान एडवोकेट जीएस किंगरा व प्राचार्य के बीच बहस भी हुई। जीएस किंगरा ने कहा जब छात्राएं किताब लेना ही नहीं चाहती तो जबरदस्ती क्यों दी जा रही है। प्राचार्य ने कहा कि यह भारतीय संस्कृति का अंग है। अगर छात्राएं इसे पढ़ेंगी तो भारत देश व इसके इतिहास के बारे में जान सकेंगी। ऐसे में वार्ता का कोई समाधान नहीं निकला।
तीन बजे छात्राएं उपायुक्त से मिलीं
वहीं इस मामले को छात्राएं उपायुक्त अशोक गर्ग से मिली। छात्राओं द्वारा कॉलेज प्रिंसिपल पर जबरदस्ती किताब देने व कपड़ों पर अभद्र टिप्पणी करने की बात कही। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल द्वारा एक विशेष विचार धारा की किताब छात्राओं को जबरदस्ती दी जा रही है। जिसके लिए उनसे सौ रुपये प्रति किताब भी लिया गया है। छात्रों की मांग कि है कि प्रिंसिपल पर कार्रवाई की जाए। साथ ही उनसे किताब की एवज में जो रुपये लिए गए हैं, उन्हें वापस करवाया जाए। उपायुक्त ने मामले की जांच के आदेश जारी करते हुए एडीसी को जांच सौंपी है।
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कॉलेज छात्राओं ने वर्दी लगाने व अन्य मांगों को लेकर प्राचार्य को दिया पत्र
वहीं प्रिंसिपल तेजा राम के समर्थन में कॉलेज की कुछ छात्राएं भी आई हैं। बीए व बीकॉम की छात्राओं के लिए वर्दी लगाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रिंसिपल को पत्र सौंपा है। साथ ही छात्रों ने कहा कि कॉलेज परिसर में आई कार्ड पहनना जरूरी किया जाए। किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना प्रिंसिपल की अनुमति के प्रवेश वर्जित किया जाए। रजनी, प्रिंयका, कंचन, संतोष, नमिता, रेणुका, साक्षी मोंगा, तमन्ना, शर्मिला, सुनीता, सपना, बसंती, ज्योति पूजा ने ज्ञापन में कहा कि कॉलेज के बाहर रेहड़ी वालों को हटाया जाए। निजी वाहनों पर आने वाली छात्राएं हेलमेट पहन कर आए।
किताब के 100 रुपये इसलिए लिए जा रहे हैं ताकि छात्राएं इसे गंभीरता से पढ़ें, किताब की राशि से ही उन्हें इनाम दिया जाएगा। परीक्षा के बाद जो छात्राएं किताब लौटाना चाहें वे पैसे वापस ले जा सकती हैं। पूर्व बार एसोसिएशन प्रधान ने अपना परिचय नहीं बताया। वह हो हल्ला कर रहे थे और किताब वापस लेने की बात कह रहे थे। जो छात्राएं किताब नहीं खरीदना चाहती, उन्हें एप्लीकेशन लिखने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने लिखने से मना कर दिया।
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-डा. तेजा राम, प्रिंसिपल राजकीय महिला महाविद्यालय कॉलेज, सिरसा।
मेरे पास जांच के निर्देश आ गए हैं। मैंने कुछ छात्राओं के बयान दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
-मंदीप कौर, एडीसी सिरसा।
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