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पॉक्सो एक्ट में मां-बेटे को गिरफ्तार कर गांव में घुमाने के आरोप, एसपी ने दिए जांच के आदेश

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सिरसा। जिले के गांव शाहपुरिया में अनुसूचित जाति के परिवार के नाबालिग विद्यार्थी को स्कूल से निकालने और परीक्षा में न बैठने देने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ग्रामीण एकत्र होकर वीरवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जहां एक ओर परिवार की शिकायत पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए, वहीं दूसरी ओर छात्र पर ही पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार करने और पूरे गांव में घुमाने के भी आरोप जड़े। ग्रामीणों का कहना है कि ये सब पुलिस ने दबंगों के प्रभाव में आकर किया है। पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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वीरवार को ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। शाहपुरिया निवासी विजय कुमार ने बताया कि करीब दो माह पहले गांव के ही दबंग लोगों ने उसके व उसके बेटे के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने गांव के दबंग लोगों और स्कूल प्रिंसिपल व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि दूसरी ओर पुलिस ने दबंगों की शिकायत पर विजय कुमार के नाबालिग पुत्र पर ही पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज करवा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते शनिवार देर शाम को पुलिस उनके घर आई और उसके बेटे व पत्नी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। मामले की सूचना मिली तो वह चोपटा थाना में पहुंचे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से सिरसा में भेज दिया और बेटे का मेडिकल करवाने के बाद उन्हें सौंपने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि वह बेटे और पत्नी को वहां पर छोड़ सिरसा के लिए आ गए और बाद में पुलिस उसकी पत्नी और बेटे को गाड़ी में सवार कर गांव में वापस ले गई और वहां पर गलियों में घुमाते रहे। रात करीब 11 बजे पुलिस उसे हिसार रोड स्थित किसी व्यक्ति के आवास पर ले आई और यहां से उसके बेटे को हिसार जेल में भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से उसके बेटे पर जुर्म कुबूलने को लेकर दबाव भी बनाया गया है, जोकि उक्त दबंगों के कहने पर किया गया है। इसके बाद वह मंगलवार देर रात को बेेटे की जमानत करवाने के बाद उसे वापस लेकर आए है। आरोप है कि पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की है। जबकि उक्त दबंग लोगों पर पुलिस की ओर से अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में उन्होंने अब पुलिस को मामले की शिकायत दी है और आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। इस मौके पर मोनू पहवाल, मनोज अटवाल, बलवंत कुमार व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने संज्ञान में आने के बाद मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं। इसकी जांच की जिम्मदारी डीएसपी धर्मवीर को सौंपी गई है। जांच के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। बताया जा रहा है कि नियम अनुसार किसी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपी को सीधे थाने या चौकी ले जाना होता है और न्यायालय में पेश करना होता है। गांव में नहीं घुमा सकते। लेकिन अब जांच के बाद में खुलासा होगा।
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ये है पूरा मामला
गांव शाहपुरिया स्थित राजकीय विद्यालय में एक नाबालिग छात्र पर आरोप लगे कि उसने किसी छात्रा के साथ छेड़छाड़ की है। इसके बाद 10वीं के इस छात्र को स्कूल जाने से रोक दिया गया। इतना ही नहीं पिता-पुत्र की पिटाई करने के आरोप भी दबंगों पर लगे। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने पर पीड़ित परिवार ने सिरसा लघु सचिवालय पहुंचकर शिकायत की। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार ने गांव से भी पलायन किया और न्यायालय से गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में 10वीं की परीक्षा दिए जाने के न्यायालय ने आदेेश दिए। हालांकि नाबालिग छात्र के खिलाफ भी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया। लेकिन पुलिस आज तक पिता-पुत्र की पिटाई और छात्र को स्कूल में जाने से रोकने के मामले में दर्ज शिकायत पर कार्रवाई नहीं कर पाई, जबकि पॉक्सो एक्ट में पुलिस ने गिरफ्तारी कर ली।
ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएसपी जांच करके रिपोर्ट सौंपेंगे। यदि आरोप सिद्ध हो गए तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।
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