संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। विधानसभा चुनाव को गांवों की चौपाल पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हर कोई राजनीतिक समीकरण के अनुसार हार-जीत के दावे कर हैं। इन चुनावी चौपाल में गांवों के मुख्य मुद्दों पर चर्चाएं चल रही हैं। गांव फूलकां में चुनावी चौपाल के दौरान खारे पानी की समस्या उभरकर सामने आई। बुजुर्ग का कहना है कि गांव तै छोटी नहर निकलै सै, लेकिन इसमैं भी इतना पाणी कौनी होवे की फसलां की प्यास बुझा दयां। ट्यूबलां का पानी खारा आवै सै। उसमें नहर का पाणी मिला कै फसलां नै देणा पड़ै सै।
गांव फूलकां सिरसा विधानसभा क्षेत्र के मुख्य गांवों में से आता है। गांव में नरमा की फसल की बिजाई सबसे अधिक होती है। इस बार गर्मी के कारण किसानों को दो बार नरमे की फसल को उखाड़ना पड़ा। गांव की हद के आधे हिस्से में तो ट्यूबवेलों से मीठा पानी आता है, लेकिन आधे गांव की सरहद पर जमीन का पानी खारा है। अपनी फसलों को बचाने के लिए उनको दवाइयों के लिए अनेक प्रयास करने पड़ते हैं।
जब संवाददाता गांव पहुंचे तो एक मकान के आगे चारपाई पर बैठे नत्थूराम व उनके साथियों में चुनाव को लेकर जिरह चल रही थी। चुनावी माहौल में ये लोग भी काफी घुले मिले दिखाई दे रहे थे। नत्थूराम का कहना है कि गांव की गलियां अभी भी कच्ची पड़ी हैं, लेकिन संभाल करने वाला कोई नहीं है। वोट तो हम दे देते हैं। अब हमारे आंगन द्वार लोग आएंगे, लेकिन हमारी सुनवाई कब होगी, इसका पता नहीं है। इबकी बार तो भाई घरां बिठा के बात करांगा कै काम करैगा, नहीं तो म्हारा वोट तेरे वास्ते कौनी।
इस बीच रामजीलाल बोलते हैं- भाई बात तो तेरी ठीक सै, गांव तै छोटी नहर निकलै सै, लेकिन इसमैं भी इतना पाणी कौनी होवे की फसलों की प्यास बुझा दयां। ट्यूबलां का पाणी खारा आवै। इसमें नहरी पाणी मिला कै फसलां नै देना पड़ै सै। इब तो जो भी चौधरी बनके आवैगा, उसतै यो ही मांग करांगे कि भाई गांव तै बड़ी नहर निकलवा दे।
इस पर गांव के ओमप्रकाश ने पलटते हुए कहा कि भाई किमै भी कहो, लेकिन या बात तो साफ सै कि आपणी सुनन आला कोई नहीं। गाम की ढाणियां के रास्ते पक्के करण के वादे तो बहुत हो गए, लेकिन या आज भी कच्चे पड़े सैं, जिसतैं बारिश के दिनां मैं तो घर जाणा भी मुश्किल हो ज्यै सै। गांव के दलबीर ने कहा कि कोई बात ना, इस बार तो अपणे ही घर आवंगै, देख ल्यांगे इन्हांनै कि कितण समझा पावेेंगै और कितणा हम समझाएंगे। बेरा पाट जा गा कि मतदाता भी कौण है।
मोहनलाल ने कहा कि गांव में अनेक समस्याओं का आज तक कोई निदान नहीं हुआ है। गांव के सभी नालों की सफाई नहीं हुई है और मच्छरों से लोग परेशान हैं। गांव के सतंलाल ने कहा कि इस बार तो भाई तोल मोल के हिसाब से ही वोट देंगे। मतदाता हम हैं, हम चुनेंगे ढंग का बंदा। इनकी बातचीत इसके बाद भी लंबी जारी रही।