सिरसा। करीब 45 साल पुराने खस्ताहाल बैरक में रहने को मजबूर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाना सिरसा के कर्मचारियों की जान खतरे में है। वीरवार शाम को बैरक की छत का एक हिस्सा नीचे गिर गया। इस दौरान एक हवलदार वर्दी बदल रहा था, जो बाल-बाल बच गया क्योंकि मलबा उसके ऊपर नहीं गिरा। बुधवार को भी बैरक की छत का एक टुकड़ा गिर चुका है।
थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि थाने में दो महिला और 23 पुरुष कर्मचारी हैं। पुरुष कर्मचारी थाने के पास ही पुराने बैरक में रह रहे हैं। रेलवे विभाग ने नया थाना तो बनवाया, लेकिन बैरक का निर्माण नहीं किया। इस वजह से सभी को 45 साल पुराने, जर्जर बैरक में रहना पड़ रहा है। इस बैरक की हालत बेहद खराब है। दीवारों में दरारें हैं और छत कभी भी ढह सकती है। इससे जवानों की सुरक्षा को बड़ा खतरा है। गुरजंट सिंह नामक हवलदार की जान इसी मलबे से बाल-बाल बची। अगर जल्द मरम्मत न हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
मामला मेरे संज्ञान में आया है। शुक्रवार को एक टीम जांच के लिए सिरसा भेजी जाएगी। बैरक की मरम्मत संभव होगी तो जल्द काम शुरू करवाया जाएगा, अगर बैरक जर्जर हालत में है तो नए बैरक का निर्माण कराने पर फैसला लिया जाएगा।
- विष्णु चौधरी, डीसीएम बीकानेर मंडल।