आशा वर्कर को आगे जाने से महिला पुलिस कर्मचारी रोकते हुए।
सिरसा। वेतन बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर्स ने सोमवार को जेल भरो आंदोलन किया। आशा वर्कर्स प्रदर्शन करते हुए बरनाला रोड पर स्थित जिला जेल के बाहर पहुंची। यहां पुलिस ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। वर्कर्स ने जेल भरने के लिए पुलिस के साथ करीब 10 मिनट तक धक्का मुक्की की। जब वे जेल में जाने के लिए सफल नहीं हो पाई तो उन्होंने बरनाला रोड के एक तरफ जाम लगाकर धरना दे दिया। शाम करीब चार बजे सीटीएम अजय सिंह मौके पर पहुंचे और उनकी मांगों के संबंध में 29 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक होने का आश्वासन दिया। शाम साढ़े चार बजे वर्कर्स धरना समाप्त कर दिया और लौट गईं। जिला सचिव पिंकी ने बताया कि उनकी 650 वर्कर्स की ओर से गिरफ्तारियां दी गई है।
सोमवार को 49वें दिन भी आशा वर्कर्स का धरना प्रदर्शन लघु सचिवालय के समक्ष जारी रहा। दोपहर एक बजे आशा वर्कर्स जेल भराे आंदोलन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जेल की तरफ रवाना हुईं। सोमवार को प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान दर्शना व कलावती माखोसरानी ने की। प्रदर्शन में जिले की करीब 650 वर्कर्स ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान एक तरफ की रोड जाम रहा। इस कारण पीसीआर व पुलिस कर्मचारी जेल तक यातायात व्यवस्था बनाने में लगे रहे। दूसरी तरफ पुलिस ने भी जेल की सुरक्षा को बढ़ा दिया और जेल के मुख्य गेट के समक्ष पुलिस बल तैनात कर दिया। वर्कर्स ने पहुंचते ही जेल के अंदर प्रवेश करने के लिए पुलिस के साथ धक्का मुक्की करनी शुरू कर दी। काफी समय तक धक्का मुक्की करने के बाद वर्कर्स सफल नहीं हो पाई तो उन्होंने जेल के बाहर ही बरनाला रोड पर धरना दे दिया और एक तरफ के रोड पर आवाजाही बंद कर दी। इस दौरान पुलिस कर्मचारी और अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। वर्कर्स यहां पर धरना देकर गिरफ्तारी देने की जिद्द पर अड़ गई। पुलिस ने धरना प्रदर्शन कर रही सभी आशा वर्कर्स का नाम और नंबर पेपर पर दर्ज कर लिए। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद सीटीएम अजय सिंह मौके पर पहुंच गए। यहां पर सीटीएम अजय सिंह ने प्रदर्शनकारी आशा वर्कर्स की स्थानीय मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। वर्कर्स ने जेल के बाहर से जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने 29 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक की जानकारी दी। इसक बाद आशा वर्कर्स ने धरना समाप्त कर दिया और घर लौट गईं।
प्रदर्शन के दौरान बीच में आए बेसहारा पशु, बाल-बाल बचीं वर्कर्स
लघु सचिवालय से प्रदर्शन करते हुए जेल की तरफ जाने के दौरान अचानक बेसहारा पशु प्रदर्शन के बीच में आ गए। इसके कारण भगदड़ की स्थिति भी बन गई। प्रदर्शनकारी वर्कर्स इस दौरान बाल-बाल बच गई।
जाम की बनी स्थिति वाहन चालकों को बढ़ी परेशानी
आशा वर्कर्स की ओर से बरनाला रोड का एक तरफ का रोड जाम किए जाने के कारण यहां जाम की स्थिति भी बन गई। पुलिस ने यहां पर वाहनों के रूट को डायवर्ट कर दिया और एक तरफ से ही वाहनों की आवाजाही करनी शुरू कर दी। इस दौरान यहां पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। काफी समय तक वाहन चालकों को गुजरने के लिए वहां इंतजार भी करना पड़ा।