सांसद सुनीता दुग्गल सोमवार को अपने जनसंवाद में तल्ख रवैये में नजर आईं। उन्होंने अधिकारियों को खूब-खरी खरी सुनाई। सांसद ने कहा कि आप लोग काम करने को लेकर कैसे घूमा फिरा कर कान पकड़ते हो, मुझे इसका पता है। मेरे जनसंवाद में आओ तो डाटा लेकर आना। अधूरी जानकारी लेकर जनसंवाद में न आए। अपनी तरफ से ऐसी मंजी ठोकूंगी की याद रखोगे। सांसद सुनीता दुग्गल का पहले जनसंवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह कैरांवाली में जनसंवाद में शिक्षा विभाग के सुपरवाइजर को धमका रही थीं।
सांसद सुनीता दुग्गल ने सोमवार को मेरी माटी-मेरा देश अभियान के तहत गांव डिंग, नहराणा, कैरांवाली, कुसुंबी व कंवरपुरा का दौरा कर जनसंवाद किया। सांसद सुनीता दुग्गल ने डिंग की पुरानी अनाज मंडी में जनसंवाद के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जनसंवाद के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा समय पर काटा जाता है, लेकिन बीमा राशि खातों में कम डाली जा रही है। किसान संगठन कार्यकर्ता भारत सिंह झाझड़ा ने खराब हुई फसल नरमे व नरमे के डंडे लेकर पहुंचे तथा दिखाया। किसान ने कहा कि इस समय किसानों के नरमे की फसल गुलाबी सुंडी से नष्ट हो चुकी है। इस बीच सांसद व किसान के बीच तीखी बहस हो गई।
कुछ इस प्रकार हुआ संवाद
गांव कैरांवाली में सांसद ने जनसंवाद के दौरान एक शिकायत पर जिले व गांवों में प्ले स्कूल बनाए जाने को लेकर जानकारी मांगी। ऐसे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी अपनी सीटों पर बैठे रहे, लेकिन महिला सुपरवाइजर खड़ी हो गईं।
सुपरवाइजर
- 24 प्ले स्कूल बना गए हैं।
सांसद
- कितने ओर प्ले स्कूल बनाए जाने हैं।
सुपरवाइजर
- मुझे इसी जानकारी नहीं है। मैं सुपरवाइजर हूं मुझे नहीं पता।
सांसद गुस्सा होते हुए- मेरा पास कितना काम है, तुम नहीं जानते हो। तुम्हें शर्म आनी चाहिए। सरकार के आदेश है कि प्ले स्कूल ज्यादा से ज्यादा बनाओ, लेकिन तुम्हें कोई जानकारी नहीं है। कितने हो चुके है कितने नहीं हो चुके। मैं बार-बार कह रही हूं कि सभी अधिकारी ध्यान रखे। यह मेरा पहला जनसंवाद है। मैं अपना होमवर्क करके आती हूं। मुझे जिस भी अधिकारी का पता लगा कि अधूरी जानकारी लेकर आया है या पिकनिक मनाने के लिए आया है। उसकी खैर नहीं है।
सुपरवाइजर - कुछ धीरे से बोलती है।
सांसद
- आपके पास बहुत अच्छे-अच्छे और प्यारे-प्यारे एक्सक्यूज होते हैं। आपके पास जवाब है नहीं। बार-बार कह चुकीं हूं, आपको पूरी जानकारी होनी चाहिए। कान को कैसे पकड़वाना है, मैं सब जानती है। मुझे अधिकारी हलके में न लें।
मुझे सबकुछ पता है, नियम न बताएं
कैरांवाली गांव के स्कूल को आठवीं से दसवीं तक करने का मामला जनसंवाद में आया। सांसद ने कहा कि स्कूल अपग्रेड होना चाहिए। शिक्षा विभाग के कार्यालय से आए अधिकारी- दो कक्षा में 100 बच्चे होने चाहिए आदि नियम बताने लगे। सांसद ने कहा कि मुझे सबकुछ पता है। नियम न बताएं।
डिंग में उठा शिक्षकों की कमी का मुद्दा
डिंग की सरंपच नीतू पचार ने कहा कि स्कूल में स्काफ की कमी है। सांसद ने कहा कि शिक्षा अधिकारी जवाब दें। शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस समय स्कूलों में स्टाफ पूरा है। कुछ स्टाफ के लिए विभाग को मांग भेजी हुई है। इस पर सांसद ने कहा कि स्कूलों में स्टाफ पूरा होना चाहिए। इस बीच एक छात्र बोलते हुए कहा कि कॉलेज में स्टाफ भी की कमी है। तीन सालों से कॉलेज में कक्षाएं नहीं लग रहीं। इस पर सांसद ने कहा कि आप लिखकर दो। छात्र ने कहा कि आपसे पहले विधायक और डीसी को भी लिखकर दिया था, कोई कार्रवाई नहीं हुई। सांसद ने कहा कि एक बार दोबारा मुख्यमंत्री और डीसी के नाम लिखकर दो।