बेहतर जीवन-यापन के लिए शुरू होगी एड्स मरीजों की पेंशन
सिरसा। एचआईवी मरीजों के बेहतर जीवन यापन के लिए हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी ने पेंशन योजना लागू करने जा रहा है। इस योजना को एड्स पीड़ित कल्याण योजना के नाम दिया गया है। विभाग ने इस योजना का जमीन पर उतारने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो एक अप्रैल यानी विश्व एड्स दिवस पर यह योजना लागू हो जाएगी। जिसके तहत एचआईवी मरीजों को हर माह 1500 रुपए पेंशन के तौर पर मिलने शुरू हो जाएंगे।
एड्स मरीजों को दी जाने वाले पेंशन की समाज कल्याण विभाग की ओर हरियाणा राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी को दी जाएगी और सोसायटी यह राशि पीड़ितों के खाते में भेजेगी। हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के डायरेक्टर ने पिछले दिनों चंडीगढ़ मुख्यालय पर पूरे प्रदेश के एड्स काउंसिलर की एक बैठक बुलाई थी। इस दौरान उन्होंने एचआईवी मरीजों को पेंशन दिए जाने को लेकर राय जानी थी। अधिकांश काउंसिलरों ने एचआईवी मरीजों को पेंशन दिए जाने पर जोर दिया था। इसके बाद ही डायरेक्टर ने सभी काउंसिलरों को निर्देश जारी किए थे जो भी क्लाइंट उनके पास आता है उसको पेंशन योजना के बारे में जानकारी दें और उनके आवश्यक कागजात विभाग को भेज दें।
सिरसा के नागरिक अस्पताल की एफआईएआरटी विभाग की स्टाफ नर्स सुरेंद्रपाल ने बताया कि सिरसा जिले में वर्ष 2001 से लेकर अब तक करीब 1 हजार से अधिक एचआईवी के मरीज है। उन्होंने बताया कि हर माह करीब 20 ऐसे नए एड्स पीड़ित मरीज इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनका कहना कि पैसों के अभाव में अधिकांश मरीज बीच में ही छोड़ कर चले जाते है। फिलहाल उनके पास 450 मरीज प्रतिदिन दवा ले रहे हैं। एचआईवी मरीज को खासतौर पर तीन दवाएं रेगुलर लेनी पड़ती है। टेनेफाबिर, लोमेगुडीन और डफीबीरिंच। यह दवाएं भी तब असर करती है जब मरीज का खान पान अच्छा हो । कुपोषण के शिकार पर ये दवाएं ज्यादा असरदार नहीं होती। ये दवाएं एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट) सेंटर पर मरीज को मुफ्त में मिलती है। आयरन की गोली और मल्टी विटामिन, ये दवाएं मरीजों का मुफ्त नहीं मिलती। इसके अलावा हर माह 6 माह में मरीज को हीमोग्लोबिन, एसजीपीटी, बिलुरूबीन और क्रिरनीन की जांच करानी पड़ती है। सिरसा जिले के एड्स काउंसिलर पवन कुमार ने बताया कि एआरटी सेंटर पहुंचने वाले ज्यादातर मरीजों की आर्थिक हालत अच्छी नहीं होती। जिसके कारण उन्हें आयरन व मल्टी विटामिन की दवाओं के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं। पैसे के अभाव में एचआईवी मरीज आयरन व मल्टी विटामिन की दवाई नहीं खाते। जिसके चलते उसन पर दवाएं असर नहीं करती। मरीजों की इसी समस्या का समाधान और मरीजों पर दवा का बेहतर असर हो इसीलिए सरकार ने 1500 रुपए हर माह देने की योजना बनाई।
यह कागजाता करवाएं जामा
जिला नागरिक अस्पताल के कमरा नंबर दस में एआरटी सेंटर है। यहां पर पहुंच कर एड्स मरीज को अपना एक फोटो, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, बैंक की फोटो कॉपी व बुकलेट (एचआईवी इलाज बुक) की फोटो कॉपी व मोबाइल नंबर एड्स काउंसिलर के पास जमा करवानी होगी। इसके बाद काउंसिलर आवेदक का फार्म भर उन कागजातों को चंडीगढ़ मुख्यालय भेज देगा।
वर्जन
हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी हरियाणा की यह अच्छी पहल है। पेंशन मिलने से पीड़ित का सही तरीके से इलाज हो पाएगा। मुख्यालय ने सभी एचआईवी मरीजों की डिटेल मांगी है। उम्मीद है विश्व एड्स दिवस पर एचआईवी मरीजों की पेंशन शुरू हो जाएगी।
--रोहताश डिप्टी सिविल सर्जन, जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी।