सिरसा। जिले में 5 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता और पिता दोनों की ही कोरोना से मौत हो गई थी। 200 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता या पिता दोनों में से किसी एक की मृत्यु कोरोना से हुई थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की बनाई रिपोर्ट के आधार पर 5 बच्चों को केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से मदद उपलब्ध करवाई जा रही है। जो बाकी 200 बच्चे हैं उन्हें दोनों ही सरकारों की तरफ से फिलहाल किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है।
कोरोना से जिन दंपती की मौत हुई उनमें से एक की तीन बच्चे और बाकी के 1-1 हैं। इन बच्चों का पालन पोषण फिलहाल करीबी परिजनों द्वारा किया जा रहा है। इन पांच बच्चों को केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा सालाना 12000 प्रत्येक बच्चा और 2500 व 2000 रुपये प्रत्येक बच्चा हर माह दिए जा रहे हैं। जो लाभ इन बच्चों को मिल रहे हैं वह सीधे ही इनके खाते में डाले जा रहे हैं। फिलहाल जो ये 5 बच्चे हैं इनको अभी तक सरकारी योजना का पूरा लाभ नहीं मिला है। वहीं कोरोना से दंपती में एक की मौत हुई थी उनमें से 200 बच्चे ऐसे है जिन्हें अभी तक कोई सरकारी सुविधा नहीं मिली है। महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि इन 200 बच्चों को भी सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सर्वे के दौरान ये सब किया गया नोट
बच्चे का नाम, जाति, उम्र, लिंग, शिक्षा, स्टेटस, वर्ग, बच्चा अकेला है, किसके पास है, अभिभावक का आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड की कॉपी, अभिभावकों का मृत्यु प्रमाण पत्र नंबर, कोरोना पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट, प्राइवेट अस्पताल के रिकॉर्ड को सर्वे के दौरान नोट किया गया। वहीं सहायता देने के लिए बच्चों के खाते खोल उनके अकाउंट नंबर भी लिए गए थे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सर्वे पूरा कर लिया है। अभी तक जिले में पांच बच्चे अनाथ मिले हैं। जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को कोरोना के कारण खोया है। जिन्हें केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से 12 हजार रुपये सलाना, 2500 व 2000 रुपये हर महीने मदद दी जा रही है। जिले में 200 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता या पिता दोनों में से किसी एक की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। इनकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेज दी गई है। जल्द इन बच्चों को भी सरकारी सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, सिरसा।