नागरिक अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखे वेंटिलेटर। संवाद
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सिरसा। नागरिक अस्पताल में दो करोड़ की लागत से बना आईसीयू सेंटर खुद बीमार है। आईसीयू में वेंटिलेटर भी है, लेकिन किसी काम का नहीं है। इसी वजह है कि सर्जन, न्यूरो सर्जन और अनुभवी स्टाफ नहीं होने के कारण इनका इस्तेमाल नाममात्र ही हो पाता है। हादसे के शिकार या किसी बीमारी से पीड़ित होने के कारण मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में पीड़ितों को उपचार कराने के लिए निजी अस्पताल ही एकमात्र सहारा है।
स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में कुल 38 वेंटिलेटर की सुविधा है। इनमें से पांच वेंटिलेटर एंबुलेंस में और 33 वेंटिलेटर सिरसा, डबवाली और ऐलनाबाद अस्पताल में रखे गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पास अनुभवी स्टाफ की कमी के कारण इन वेंटिलेटरों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। नागरिक अस्पताल में अगर कोई मरीज दाखिल होने के लिए पहुंचता है तो उसे अस्पताल से भी रेफर कर दिया जाता है।
डबवाली और ऐलनाबाद में ही रखे हैं वेंटिलेटर, नहीं होता इलाज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डबवाली और ऐलनाबाद स्थित अस्पताल में भी वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर भी स्टाफ को वेंटिलेटर के संचालन को लेकर जानकारी न होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। नतीजतन मरीजों को इलाज के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक मरीज के परिजन ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उनके परिवार के सदस्य को सांप ने काटा था, जिसके बाद रात को वह मरीज को लेकर नागरिक अस्पताल में पहुंचे थे। यहां पर वेंटिलेटर की सुविधा न होने की जानकारी देकर उन्हें रेफर कर दिया था। इसके बाद निजी अस्पताल में मरीज ने दम तोड़ दिया।
इन स्थानों पर उपलब्ध है वेंटिलेटर
केंद्र वेंटिलेटर
सिरसा अस्पताल 29
डबवाली 02
ऐलनाबाद 02
एंबुलेंस 05
वर्जन
सर्जन, न्यूरो सर्जन न होने के कारण अधिक गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता है। आईसीयू सेंटर में मरीजों को सुविधा दी जा रही है। आईसीयू सेंटर में पर्याप्त स्टाफ है। -डॉ. संदीप गुप्ता, एमएस, नागरिक अस्पताल ।