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संत मोहन सिंह मतवाला की 32वीं बरसी : गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब में जुटेगी देश-विदेश की साध संगत

Tue, 16 Jan 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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गांव तिलोकेवाला के गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब का बाहरी दृश्य। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कालांवाली। नगर से करीब पांच किमी की दूरी पर स्थित उपमंडल के गांव तिलोकेवाला का गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना है। संत मोहन सिंह मतवाला की 32वीं बरसी पर यहां बुधवार को गुरु कीर्तन होगा। इसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत देश-विदेशों से साध संगत माथा टेकने के लिए पहुंचने लगी है।
गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब का दरबार साहिब और सरोवर बहुत मनमोहक है। निर्मलसर साहिब में संत मोहन सिंह मतवाला ने आसपास के क्षेत्र में खूब सेवा कर सिखी का प्रचार किया था। उनके बाद गद्दीनशीन गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार और हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के उपाध्यक्ष संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला समाज से बुराइयों को दूर कर धर्म की अलख जगा रहे हैं।
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तिलोकेवाला ने बताया कि संत मतवाला जी का जन्म समाज में बुराइयों को दूर करने के लिए ही हुआ था। इसलिए उन्होंने बचपन से ही सिखी की ललक पैदा होने के बाद हरियाणा, पंजाब के विभिन्न गांवों और शहरों में सिखी का प्रचार कर शिक्षा को बढ़ावा दिया।
मतवाला जी ने करीब 10 साल तक मुक्तसर साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा तंबू साहिब में मुख्य ग्रंथी के रूप में सेवा निभाने के बाद सन 1930-31 में गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब का निर्माण करवाकर कालांवाली क्षेत्र में गांव कालांवाली, ओढ़ां, पक्का शहीदां, केवल आदि गांवों में जाकर सिख धर्म का प्रचार किया।
इसके बाद संत मतवाला जी ने गांव तिलोकेवाला में खालसा प्राइमरी स्कूल की स्थापना कर लोगों को नशा, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, अज्ञानता, जात-पात आदि बुराइयों से दूर किया। संत मोहन सिंह मतवाला पब्लिक स्कूल में वंचित लोगों को स्कूली शिक्षा, गुरबाणी, कीर्तन, संस्कार आदि सिखाया जा रहा है।
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बाबा जी की 32वीं बरसी के लिए गुरुद्वारा साहिब में तैयारी पूरी

गांव तिलोकेवाला के श्री निर्मलसर साहिब में संत मतवाला की 32वीं बरसीं पर एक माह से धार्मिक समारोह हो रहे हैं। संत तिलोकेवाला की अध्यक्षता में बुधवार को इन कार्यक्रमों का समापन किया जाएगा। इस दौरान 16 दिसंबर 23 से प्रकाश किए गए श्री अखंड पाठ साहिबों की लड़ी के भोग सुबह नौ बजे डाले जाएंगे। सुबह 10 बजेे से दोपहर तीन बजे तक महान गुरमति समागम होगा। अमृत का बाटा तैयार किया जाएगा। इसके लिए संगत ने गांव की हर गली-मोहल्ले की सफाई की है। श्री निर्मलसर साहिब के दरबार साहिब समेत गांव की हर गलियों, मुख्य सड़कों को रंग-बिरंगी झंडियाें, स्वागत गेट, पंथ के झंडों, विद्युत झालरों से सजाया गया है। कार्यक्रम में पहुंचने वाली साध संगत के रहने, लंगर, चाय-पानी, पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
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सच्ची श्रद्धा से मन्नत मांगने पर पूरी होती है हर मुराद

संत तिलोकेवाला ने बताया कि संत मतवाला जी की बरसी पर जो भी सिख सच्ची श्रद्धा, लगन के साथ गुरु दरबार में आकर सेवा करता है और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मन्नत मांगता है। वाहेगुरु जी उसकी हर मुराद पूरी करते हैं।
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