सिरसा। न्यायालय परिसर सिरसा, ऐलनाबाद व डबवाली में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। इसके तहत विभिन्न न्यायालयों में 32,748 केसों में से 26,898 केसों का निपटारा किया गया। इसमें पीड़ितों को 12 करोड़ 80 लाख 7 हजार 80 रुपये कलेम राशि दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 6 बेंच का गठन किया गया था। अदालत चेक बाउंस, बैक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना ,घरेलू विवाद, बिजली व पानी से संबंधित विवाद, दिवानी विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश सुमित गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन किनरा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुनीश नागर, सिविज जज रिचू, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डबवाली सुमन पाटलेन व सिविल जज ऐलनाबाद आशीष आर्य ने केसों की सुनवाई की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया बड़ी सरल एव संक्षिप्त है क्योंकि इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत द्वारा समझौता करवाया जाता है, जिससे उनका मनमुटाव समाप्त हो जाता है। लोक अदालत की खास बात ये है कि इसमें फैसला होने के बाद फैसले को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
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कैदियों को दी जाती है सहायता
बता दें कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विचाराधीन कैदियों को कानूनी सहायता भी दी जाती है। इसके लिए विधिक सेवा द्वारा जेल परिसर में मुफ्त कानूनी सहायता केंद्र की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें पैनल अधिवक्ता जेल के अंदर जाकर कानून की जानकारी व केस लडने के लिए वकीलों की सेवाओं की दरख्वास्त लेकर सेवाएं प्रदान की जाती है।
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गांवों में लगाए जाते हैं जागरूकता शिविर
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ग्रामीण स्तर पर निशुल्क कानूनी साक्षरता शिविर भी आयोजित करता है। शिविर में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकार बताए जाते हैं। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष एडवोकेट लक्की दुग्गल ने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता कोई दान नहीं है। यह आपका संवैधानिक व कानूनी अधिकार है। आम जनता को जागरूक करने के लिए राज्य के पिछड़े एवं दूरदराज के इलाकों में कानूनी शिविर लगाए जाते है।
इस प्रकार के मामले की होती है सुनवाई
लोक अदालत में वैवाहिक मामले, सिविल मामले पेंशन और अन्य सेवा संबंधी मामले जैसे कि रेलवे, श्रम विवाद भूमि अधिग्रहण मामले, मनरेगा से जुड़े मामले, बिजली, पानी, बैंक से जुड़े मामले, आपदा मुआवज इत्यादि मामलों की सुनवाई की जाती है।