- ग्रीन बेल्ट के साथ कच्चे बरम को सीसी बनाने पर हुआ विवाद, दो गलियां मार्केटिंग बोर्ड हो गईं नीची
- राजनीतिक दबाव में बना डाला एस्टीमेट, एक्सईएन ने दिए जेई को नियमानुसार गली बनाने के आदेश
- मामला विवादों में आया तो ठेकेदार के मैटीरियल पर गली निर्माण करवाने वालों ने उठा दिए सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अनाजमंडी के साथ ग्रीन बेल्ट में बनी श्याम बगीची के साथ लगती गली का निर्माण कार्य दो दिन पहले शुरू हुआ था। यह निर्माण शुरू होने के साथ ही विवादों में आ गया हैं। नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई सड़क की लगातार शिकायत मिलने के बाद काम को रुकवा दिया गया है।
विवादों में आने के बाद एक्सईएन राकेश पूनिया ने जेई रमेश कुमार को आदेश दिए हैं कि वह मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार काम करवाए। अब सोमवार को जेसीबी के साथ जेई मौके पर पहुंचकर नियमानुसार सड़क बनवाएंगे। पुरानी सड़क की जगह की दोबारा पैमाइश होगी और उसी पर सड़क बनाई जाएगी।
इस मामले में सामने आया है कि 16 फीट की सड़क हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने बनाई गई थी। उसी सड़क पर दोबारा सड़क बनाई जानी थी। राजनीतिक दबाव और सामाजिक लोगों की मौजूदगी में सड़क को वॉल टू वॉल बनाने का काम शुरू कर दिया गया जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
कारण यह कि ठेकेदार ने ग्रीन बेल्ट से दुकानों तक सीसी की सड़क बना दी जो पूरी तरह से नियमों की अवहेलना थी। इतना ही नहीं, एक दुकानदार का रैंप तक ठेकेदार के कर्मचारियों ने बनाया दिया जिससे विवाद और बढ़ गया।
लगातार शिकायत मिलने के बाद नगर परिषद प्रशासन भी हरकत में आ गया और एक दिन के बाद ही काम को रुकवा दिया गया। अब सोमवार को पूरी तरह से दोबारा पैमाइश के साथ जेई काम करवाएंगे।
एनजीटी से लेकर बीएंडआर के नियमों को किया दरकिनार
सड़क निर्माण की बात करें तो नगर परिषद के अधिकारियों ने बीएंडआर से लेकर एनजीटी के नियमों तक को ध्यान में रखा। बीएंडआर और नगर परिषद के नियमानुसार सड़क को ऊंचा उतना ही उठाया जाएगा जिससे दूसरी सड़कें नीची न पड़ें। एनजीटी एक्ट के नियमानुसार ग्रीन बेल्ट की दीवार के साथ कच्ची जगह छोड़ी जाती है। इस कच्ची जगह पर पौधरोपण किया जाता है। यदि लोगों की मांग हो तो नियमानुसार इंटरलॉकिंग लगाई जा सकती हैं लेकिन सीसी का पक्का नहीं बनाया जा सकता है। कारण यह होता है कि इंटरलॉकिंग के साथ-साथ पौधरोपण भी किया जा सके।
यह है नियम
पूर्व में बनी सड़क पर ही सड़क बनाई जाती है।
ग्रीन बेल्ट के साथ कच्चे क्षेत्र को सीसी का पक्का नहीं बनाया जाता सकता है।
तीन से चार मीटर के कच्चे क्षेत्र में पौधरोपण का प्रावधान है। यदि जरूरत पड़े तो इंटरलॉकिंग लगाई जा सकती है।
कोट्स
सड़क का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। सोमवार को पैमाइश करवाकर काम करवाया जाएगा। साथ ही ग्रीन बेल्ट के साथ के बरम के क्षेत्र में इंटरलॉकिंग लगाई जाएगी। सीसी का निर्माण नहीं करवाया जाएगा। नियमानुसार ही काम करवाया जाएगा।
-रमेश कुमार, जेई, नगर परिषद