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दो दिनों में सिरसा में 18 एमएम बारिश, आज से फिर बढ़ेगा तापमान

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ओढां में हाईवे पर टैंकर से निकाला जा रहा पानी व रोष जताते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। बीते तीन दिनों से मौसम में लगातार बदलाव हुआ है। सिरसा में दो दिनों में 18 एमएम बारिश होने के कारण मौसम सुहावना बना हुुआ है। ऐसे में बीते एक सप्ताह में करीब आठ डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली हैं। मौसम विशेषज्ञ अनुसार बुधवार को फिर से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बनी हुई है।
सोमवार देर रात हो सिरसा में दस, ओटू में दो, पंजुआना में पांच, रोड़ी में आठ, कालांवाली में दस, खुइयांमलकाना में दो व अबूबशहर में छह एमएम बारिश दर्ज की। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण शहर में जलभराव की स्थिति बन गई। रात को हुई बारिश के कारण मंगलवार को भी मौसम सुहावना बना रहा। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन शहर में जगह जगह हुए जलभराव के कारण लोगों को इस परेशानी का भी सामना करना पड़ा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया।
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इन स्थानों पर रही जलभराव की स्थिति
बारिश के पानी के निकासी न होने के कारण पुरानी कचहरी रोड, फैशन कैंप वाली गली, वैलकम पैलेस वाली गली, नेशनल कॉलेज के नजदीक एटीएम के पास, गोशाला मोहल्ला, डबवाली रोड, सरकूलर रोड, जनता भवन रोड, बरनाला रोड, अंबेडकर चौक, परशुराम चौक, गोल डिग्गी चौक, बेगू रोड, हिसार रोड, कीर्तिनगर रोड सहित अनेक स्थानों पानी जमा दिखाई दिया।
बुधवार से शुरू होगा नौतपा
बुधवार से नौतपा का आगमन होगा। नो तपा शुरू होने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि अभी बारिश के चलते अधिकतम तापमान में आठ डिग्री की गिरावट दर्ज कर 36 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 21 डिग्री तक पहुंच गया है। इसके चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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बारिश के किसानों की फसलों को मिला लाभ
बारिश होने से किसानों को इसका काफी लाभ मिला है। गेहूं की कटाई के बाद किसान खेतों को जोतने का काम कर रहे है। ऐसे में उन्हें जोताई से पहले खेतों में पानी की सिंचाई करनी पड़ रही थी। लेकिन बारिश के बाद किसान सीधा ही खेत को जोत रहे है। वहीं सब्जियों, हरे चारे और नरमे की फसल को भी इसका काफी लाभ मिला है।
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