सिरसा। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के नेतृत्व में जिला पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। जिले के अब तक 148 गांव तथा ऐलनाबाद व शहर सिरसा के 10 वार्ड नशे से तौबा कर चुके हैं। 103 गांवों व वार्डों के लोगों ने बोर्ड स्थापित कर नशा मुक्त होने की घोषणा कर चुके हैं।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने डिंग व नाथूसरी चोपटा थाना क्षेत्र के मौजूखेड़ा व नाथूसरी कलां गांवों में आयोजित किए गए कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान नशामुक्त घोषित 64 गांवों के सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तार से चर्चा की गई। सभी सरपंचों से फीडबैक लिया। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत व आमजन अपने गांव, गली तथा मोहल्ले की पूरी जिम्मेदारी लें और गांवों को पूरी तरह से नशा मुक्त रखें। उन्होंने कहा कि सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों से कहा कि गांवों में लगातार खेल गतिविधियों का आयोजन करवाएं और युवाओं को शिक्षा व खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में नशामुक्त गांव किराड़कोट के सरपंच अश्वनी कुमार को पुलिस विभाग ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अन्य ग्राम पंचायतें भी नशामुक्त गांवों का अनुसरण कर अपने गांवों को नशामुक्त करवाने के लिए आगे आएं तथा पुलिस विभाग का सहयोग करें।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वहीं अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल की है। स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्य धारा में शामिल किया गया है। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सभी ग्राम पंचायतें, सामाजिक संस्थाएं और यूथ क्लब अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं, ताकि समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस द्वारा नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है।