गांव द्वारका निवासी किसान सूरजभान के 22 वर्षीय बेटे शक्ति सिंह गुलिया को माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने 22 लाख रुपये का पैकेज दिया है। वे बंगलूरू में इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
शक्ति की इस उपलब्धि पर उनके गांव में जश्न का माहौल है। आईआईटी मद्रास से शिक्षा लेकर इस मुकाम तक पहुंचकर शक्ति सिंह ने गांव के युवाओं के लिए नई राह खोल दी है।
द्वारका निवासी शक्ति सिंह ने मिडिल कक्षा बीआरसीएम के बाल विद्यालय से प्राप्त की वहीं मैट्रिक और सीनियर सेकेंडरी ढिगावा के आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से की। आईआईटी जेईई कंपीटीशन टेस्ट के लिए राजस्थान के कोटा में कोचिंग लेकर आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बने। सभी कक्षाओं में प्रथम श्रेणी लेने वाले विद्यार्थी शक्ति सिंह को एक माह पूर्व ही विश्वस्तरीय कंपनी माइक्रोसाफ्ट में बतौर इंजीनियर पद पर कार्य करने का ऑफर आया है। इससे पूर्व भी शक्ति सिंह वर्ल्ड की नामी कंपनी इंटेल में इंटर्नशिप के दौरान दो महीने फ्रांस में भी रह चुके हैं।
अब कैंब्रिज से एमबीए करने की इच्छा
द्वारका निवासी शक्ति सिंह गुलिया ने बताया कि उनके पिता सूरजभान का पांच अगस्त 2012 को देहांत हो गया था। उन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाने में बहुत मेहनत की है। उन्होंने पिता सूरजभान, माता भगवानी देवी, आर्य विद्यालय ढिगावा के प्राचार्य वजीर सिंह मान, अजय रोहिल्ला, सतबीर झांझड़िया, शमशेर सिंह व बीआरसीएम बहल से राजन सिंह, गौडमैन और भीम सिंह पुनिया आदि का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे अब प्रबंधन में इंटरनेशनल लेवल के गुर सीखकर अपने क्षेत्र का नाम चमकाएंगे। अब उनकी लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एमबीए करने की इच्छा है। उसको पूरा करने के लिए विदेशी शिक्षा प्राप्ति के जीआरआई परीक्षा भी दी है।
पदक विजेता पूनम का गांव में जोरदार स्वागत
जींद। मलेशिया में जूनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर लौटी पूनम दलाल का उनके गांव मालवी में जोरदार स्वागत किया गया। यह प्रतियोगिता 26 से 30 नवंबर तक पनांग में हुई थी। पूनम ने 45 किलोग्राम वर्ग में 130 किलोग्राम वजन उठाया। पूनम के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि 14 साल की पूनम ने लखनऊ साई सेंटर से ट्रेनिंग ली है।
एमडीयू की छात्राओं ने मनवाया लोहा
रोहतक। हिमाचल प्रदेश में गत दिनों हुई कबड्डी प्रतियोगिता में एमडीयू की खिलाड़ियों ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। यूनिवर्सिटी में लौटने पर पदक विजेताओं का जोरदार स्वागत किया गया। यूनिवर्सिटी के खेल निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल ने खिलाड़ियों को बधाई दी।