साध्वियों से यौन शोषण के आरोपों में घिरे डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम को अब सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होना होगा। अभी तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही उनकी पेशी होती थी।
मंगलवार को अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हो गई और अब डेरामुखी को पेश होकर ही सीआरपीसी की धारा 313 के तहत लगे आरोपों पर बचाव के लिए दलील देनी होगी। इस दौरान सीबीआई के एडवोकेट उनसे सवाल-जवाब भी करेंगे।
इसके लिए सवालों की लिस्ट तैयार की जा रही है। सीबीआई कोर्ट के मुताबिक, डेरा प्रमुख को 17 सितंबर को डेढ़ बजे कोर्ट में पेश होना होगा।
यह पहली बार होगा, जब इस केस की सुनवाई के दौरान डेरा प्रमुख पंचकूला की अदालत पहुंचेंगे। अदालत के इस फैसले के बाद अब 17 सितंबर को पुलिस को भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे, क्योंकि उनके साथ काफी संख्या में अनुयायियों के भी पहुंचने की उम्मीद है।
सिरसा के डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम पर अपनी दो साध्वी से यौन शोषण का आरोप है और इस केस की सुनवाई पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है।
इस मामले में चार्जशीट, चार्ज फ्रेम व पीड़िता के बयान होने के बाद सीबीआई के जांच अधिकारियों की क्रास एग्जामिनेशन के साथ मंगलवार को अभियोजन पक्ष की गवाही भी पूरी हो गई।
अदालत की अगली कार्यवाही के दौरान सभी आरोपों के बचाव में डेरा प्रमुख को अपनी बात रखनी होगी।
छत्रपति हत्याकांड की भी सुनवाई
इसके अलावा छत्रपति और रंजीत हत्याकांड की भी मंगलवार को सुनवाई हुई। अब इन मामलों की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
यह था मामला
साल 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और पंजाब हरियाणा-हाईकोर्ट को पत्र लिखकर डेरा सच्चा सौदा में यौन शोषण की शिकायत की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सिरसा सेशन जज को रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे।
इसके बाद दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि यौन शोषण के लगाए गए आरोप से इनकार नहीं किया जा सकता। उसके बाद 24 सितंबर 2002 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।