गांव जटवाड़ा के राजकीय स्कूल में बच्चों को दोपहर के समय दिए जाने वाले मिड-डे मील का राशन बेचने का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों ने गांव की एक महिला के घर से मिड-डे मील का गेहूं बरामद किया है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने सरकारी गेहूं को कब्जे में ले लिया है।
महिला का कहना है कि उसने यह गेहूं सरकारी स्कूल के मिड-डे मील इंचार्ज से 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा है। इसके साथ ही महिला ने कहा कि स्कूल की ओर से पिछले नौ महीने से मिड-डे मील का गेहूं बेचा जा रहा है।
उधर, ग्रामीणों ने स्कूल प्राचार्य और मिड-डे मील इंचार्ज के खिलाफ गेहूं बेचने का आरोप लगाते प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
जटवाड़ा निवासियों का आरोप है कि गांव के राजकीय स्कूल से मिड-डे मील बेचने की काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद स्कूल स्टाफ को भी चेताया गया था परंतु इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
इसके बाद मंगलवार को छापामार कर ग्रामीण महिला के घर से मिड-डे मील का गेंहू बरामद किया।
ओल्ड सिटी चौकी प्रभारी प्रेम प्रकाश ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मिड-डे मील का गेहूं कब्जे में ले लिया। कट्टे में 30-35 किलोग्राम गेहूं था।
महिला ने पुलिस को बताया कि वह इस अनाज को जटवाड़ा स्कूल से 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदकर लाई थी। पुलिस का कहना है कि जांच कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
दूसरी तरफ, मिड-डे मील के इंचार्ज का कहना है कि गेहूं को चक्की पर आटा पिसवाने के लिए भेजा गया था। उनके यहां गेहूं का स्टाक पूरा है। अगर अनाज को कोई अपने घर में रख लेता है तो इसमें उनका कोई दोष नहीं।