बवानीखेड़ा के सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने से अनेक संगठन शुक्रवार को बिफर गए और अस्पताल में जमकर हंगामा किया। डिलिवरी के लिए आई महिलाओं को महिला चिकित्सक नहीं मिलने से अभिभावक व अन्य लोग गुस्सा हो गए। इस दौरान में संगठनों के लोगों और अभिभावकों ने अस्पताल प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शुक्रवार को डिलीवरी के लिए बवानीखेड़ा के सरकारी अस्पताल आई कस्बा निवासी शीला पत्नी नरेश और नीलम पत्नी विनोद आदि के अलावा कई अन्य महिलाओं को भिवानी रेफर कर दिया गया। अस्पताल में मौजूद डाक्टरों ने बताया कि बवानीखेड़ा में महिला चिकित्सक नहीं है। डिलिवरी के लिए आई महिलाओं की हालत नाजुक होने से उनको निजी अस्पताल में जाना पड़ा। इससे अभिभावक व अन्य लोग बिफर गए और अस्पताल पहुंच गए।
इस समस्या को लेकर हरियाणा जागृति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट राजेश सिंधू, दिशा फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवकुमार निमड़ीवाली, अंबेडकर युवा समिति के महासचिव जितेंद्र व समाजसेवी विनोद मिस्त्री, नंदकिशोर ओड, छात्र नेता पवन गौरी व मुकेश ग्रोवर, राजेश शर्मा, नरेश भौरिया और विनोद शर्मा आदि दर्जनों लोग अस्पताल पहुंचे और जमकर बवाल काटा। एडवोकेट राजेश सिंधू ने कहा कि सीपीएस रामकिशन फौजी बड़े बड़े दावे तो करते हैं लेकिन उनके गृह क्षेत्र में महिला चिकित्सक तक नहीं है।