डीसी डॉ. साकेत कुमार ने सोमवार को दरियापुर के सरपंच जितेंद्र कुमार को तुरंत प्रभाव से उसके पद से निलंबित कर दिया है।
पिछले दिनों सरपंच जितेंद्र कुमार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। सरपंच पर सिरसा पुलिस के बस चालक के साथ मारपीट कर उसे जान से मारने के प्रयास करना का आरोप है। इस वारदात में उसके साथ एनआरआई सुरेश कुमार निवासी अहलीसदर भी शामिल था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सरपंच काफी समय तक फरार रहा।
पिछले दिनों पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से उसकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इन दिनों सरपंच जेल में है। सोमवार को उपायुक्त ने सरपंच को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले उपायुक्त भीमा बस्ती के सरपंच भगवान सिंह को हत्या के आरोप में जेल जाने पर निलंबित कर चुके हैं।
नियुक्ति के लिए निदेशक को लिखा पत्र
गांव दरियापुर और भीमा बस्ती के सरपंच को उसके पद से निलंबित करने के बाद डीसी ने पंचायती राज विभाग के निदेशक को यहां प्रशासक नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है ताकि गांव में विकास कार्यों में रुकावट न आएं। उपायुक्त ने बताया कि यहां कार्यवाहक सरपंच भी नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर निदेशक ने प्रशासक नियुक्त किया तो बीडीपीओ यहां विकास कार्य करवा सकेंगे।
दो और सरपंचों पर लटकी तलवार
उपायुक्त डॉ. साकेत कुमार ने गांव बैजलपुर और गांव हमजापुर के सरपंचों के केस की भी सुनवाई की। गांव बैजलपुर के सरपंच पर आरोप है कि विकास कार्यों में रुचि नहीं दिखा रहे बल्कि विकास कार्यों में बाधा पैदा कर रहे हैं। इसके खिलाफ गांव के लोगों ने उपायुक्त को शिकायत दी थी। कई लोगों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप भी जड़े थे। इसकी जांच उपायुक्त स्वयं कर रहे हैं। वहीं, गांव हमजापुर के सरपंच पर गांव में पंचायती जमीन पर कब्जा करने के आरोप हैं।