दक्षिणी सूडान में मासूमों को बचाते हुए शहीद हुए शांति सैनिक सूबेदार मेजर
धर्मेश सांगवान का सोमवार को उनके पैतृक गांव खेड़ी बत्तर में सैनिक एवं
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
शहीद के सम्मान में
सेना की टुकड़ी ने हवा में गोलियां दागीं और ग्रामीणों ने जोरदार नारे
लगाए। इस अवसर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, श्रुति चौधरी और सहकारिता
मंत्री सतपाल सांगवान ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। शहीद
के बेटे नरेंद्र कुमार ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। शांति सेना में
दक्षिणी सूडान गए धर्मेश सांगवान 20 दिसंबर को उपद्रवियों से मासूमों को
बचाते हुए शहीद हो गए थे। धर्मेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार नौकायान में
मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा वे वर्तमान में भारतीय सेना के नौकायान कोच
के पद पर कार्यरत थे।
सूबेदार मेजर धर्मेश का जन्म चरखी
दादरी के गांव खेड़ी बत्तर निवासीपिता राजेंद्र और माता संतरा देवी के घर
1978 में हुआ था। इसके बाद पांचवीं कक्षा तक की शिक्षा गांव की ही प्राथमिक
पाठशाला से प्राप्त करने के बाद बिरही कलां से बारहवीं तक की शिक्षा पूरी
की। बारहवीं तक की शिक्षा पूरी करने के बाद धर्मेश 2001 में अंबाला की राज
राइफल में भर्ती हुए। उनके पिता राजेंद्र और माता संतरा देवी ने अपने
लाड़ले की शहादत को प्रदेश व गांववासियों के लिए गौरवपूर्ण बताया।
सीएम
के राजनीतिक सलाहकार बीरेंद्र सिंह, कांग्रेस महासचिव संदीप सिंह, पूर्व
विधायक रणबीर सिंह महेंद्रा, पूर्व विधानसभा स्पीकर छत्तर सिंह, अजीत
फौगाट, शकुंतला सांगवान, राजदीप फौगाट, गोधड़िया खाप के प्रधान राजकुमार
वशिष्ठ, बख्शी सैनी और जयकिशन शर्मा ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित कर
श्रद्धांजलि दी। उनके अंतिम संस्कार में इनेलो विधायक कर्नल रघुबीर छिल्लर
के बेटे जसवीर छिल्लर, उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, एसपी मितेश जैन, चरखी
दादरी के एसडीएम गौरव कुमार, उपपुलिस अधीक्षक बिजेंद्र सिंह सहित अनेक
गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। मेजर विवेक यादव के नेतृत्व में सेना की
बटालियन ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ शहीद को विदाई दी।
शहीद के परिवार को हर संभव मदद देंगे : दीपेंद्र
सांसद
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वे कोशिश करेंगे कि शहीद के परिवार को हर संभव
सहायता दी जाए। सांसद श्रुति चौधरी ने कहा कि उनके बलिदान को सदैव याद रखा
जाएगा। यह क्षेत्र एवं उनके परिवार के लिए गौरव की बात है। ग्रामीणों ने
कहा कि शहीद धर्मेश कुमार मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति थे। वे जब भी
छुट्टी में आते थे तो समाजसेवा के कामों में हिस्सा लेते थे। शहीद धर्मेश
की पत्नी भतेरी, बेटे अंकित और बेटी अन्नु समेत भरापूरा परिवार है।