डेरा प्रमुख राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद सुनारिया जेल के बाहर पहरा और सख्त कर दिया गया है। किसी भी व्यक्ति को पहचान पत्र व जांच के बगैर अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। सुनारिया जेल में बंद राम रहीम की सुरक्षा को लेकर प्रशासन किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ रहा है। किसी सुरक्षित किले की तरह पुलिस पहरा लगाया गया है। मुख्य सड़क से जेल के प्रवेश द्वार तक जाने के लिए किसी को भी तीन नाकों से होकर गुजरना पड़ेगा। पुलिस ने मुख्य सड़क के साथ ही पहला मजबूत नाका लगाया है। यहीं से ज्यादा लोगों को वापस कर दिया गया है।
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सिर्फ वकील ही मिल सके राम रहीम से
दूसरे नाके तक बेहद खास व अनुमति प्राप्त व्यक्ति ही पहुंच पा रहे हैं। इन्हें भी प्रशासनिक अधिकारियों की अनुमति के बगैर तीसरा नाका पार नहीं करने दिया जा रहा है। राम रहीम के अधिवक्ता गुरदास सिंह को भी गहन जांच में दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही अंदर प्रवेश करने दिया गया। इसके अलावा अन्य लोगों का जेल में प्रवेश प्रतिबंधित रहा। राम रहीम से मिलने की भी वक़ील के अलावा किसी को अनुमति नहीं दी गई।