मोखरा में आयोजित पंचायत में शामिल ग्रामीण । संवाद
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दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के ट्रायल्स के दौरान पहलवान सतेंद्र मलिक को पहले कोच द्वारा थप्पड़ मारने व उस पर आजीवन कुश्ती में प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ मोखरा की खंडयान वाली चौपाल में शुक्रवार को पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता तपा प्रधान रामकिशन मोखरा ने की। पंचायत में निर्णय लिया गया कि 101 सदस्यीय कमेटी भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से मिलेगी और इस मामले पर एतराज जताएगी। इसके अलावा कमेटी संजीव बालियान व दीपेंद्र सिंह हुड्डा से भी मिलेगी।
सितेंद्र पहलवान ने बताया कि वे कोच को शिकायत करने के लिए गए थे। वह ट्रायल में तीन-एक से आगे चल रहा था। दूसरे पहलवान को एक नंबर अलग से दिए जाने की शिकायत की तो कोच ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। उसने भी हाथ उठाया। पंचायत में पहलवान ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में उनकी गलती नहीं है फिर भी अगर पंचायत उसे माफी मांगने के लिए कहे तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। लेकिन उस पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाना गलत है। इससे उसका भविष्य खराब हो जाएगा। इस अवसर पर बेदपाल मलिक, राजा , कृष्ण, प्रमोद सरपंच आदि मौजूद रहे ।
गांव से ही शुरू की थी पहलवानी
ग्रामवासियों ने बताया कि गांव ने पूरी दुनिया में कुश्ती में नाम कमाया है। उनके गांव से निकले पहलवान हिंद केसरी बने व कई पुरस्कार जीते। यहां तक कि उनके गांव की धाक ओलंपिक में भी सुनाई दी। पहलवान सतेंद्र ने कुश्ती की शुरुआत अपने गांव मोखरा से ही की थी। गांव में दांव पेच सीखने के बाद सतेंद्र 2005 में रोहतक शहर में आए और यहां देव कॉलोनी स्थित मेहर सिंह अखाड़ा में अभ्यास करने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि सतेंद्र गुस्से वाले पहलवान नहीं हैं, बल्कि वे तो हंसमुख पहलवान हैं। ऐसे हंसमुख पहलवान के साथ ऐसी क्या बात हुई कि उन्हें गुस्सा आ गया और रेफरी को थप्पड़ मारने जैसी घटना हो गई, यह उनकी समझ से परे है।