रोहतक। उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से महिलाओं के उत्थान के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। इससे वह स्वयं के उद्यम स्थापित कर सकेंगी ओर कृषि, उद्योग, व्यापार जैसे क्षेत्रों में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि योजना में महिलाओं को ऋण प्रदान किया जाता है, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक न हो तथा उनके परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता न हो। इसमें 1.50 लाख रुपये तक की राशि का ऋण सीएससी सेंटर, ई-ऑटो, सिलाई कढ़ाई, किरयाना, मनियारी, रेडीमेड गारमेंट्स, कपड़े की दुकान, स्टेशनरी, बुटीक व जनरल स्टोर इत्यादि के लिए दिया जाता है। ऋण के लिए आवेदन करते समय संभावित लाभार्थी की आयु 18-60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। स्वीकृत ऋण पर 25 प्रतिशत (अधिकतम 10,000 रुपये अन्य श्रेणी व 25,000 रुपये अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए) अनुदान राशि सब्सिडी के रूप में दी जाती है। कुल ऋण का 10 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थी द्वारा स्वयं वहन करना होगा तथा शेष ऋण राष्ट्रीयकृत व सहकारी बैंकों द्वारा प्रदान किया जाएगा। अधिक जानकारी हरियाणा महिला विकास निगम की वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं। ब्यूरो