खेतों से पानी खींचते दिखे बादल
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रोहतक के गांव किलोई में प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां के खेतों में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जलस्तंभ बना। इस दौरान बादल जमीन से पानी खींचने नजर आए। गांव के कुछ किसानों ने इसका वीडियो वायरल किया है। स्थानीय किसान बलवान पुत्र हुकम सिंह गांव किलोई ने बताया कि शिव मंदिर से आगे नहरों की ओर दोपहर साढ़े 12 बजे खेतों में मजदूर धान की रोपाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जलस्तंभ का फैलाव करीब एक एकड़ से ज्यादा था। पानी ऊपर उठता दिखाई दे रहा था।
यह देख सब वहां से दूर भागने लगे। यह करीब 20 एकड़ तक आगे बढ़ा और सड़क पर आकर खत्म हो गया। यह प्रक्रिया दस से 15 मिनट तक चली। उन्होंने कहा कि जलस्तंभ के साथ धान के पौधे भी चले गए। दो शीशम के पेड़ भी उखड़ गए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें धान की पौध मिलने में दिक्कत आएगी। यह पौध भी दो हजार रुपये एकड़ किसी से खरीदी थी। किसान बलवान ने बताया कि चंद्र, गोफी, धर्मपाल, कृष्ण, रामभज, देवेंद्र, बलवान, बलबीर के करीब 20 एकड़ में नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
बादलों के विपरीत हवा चलने से बनता है जलस्तंभ
मौसम एक्सपर्ट नवदीप दहिया ने बताया कि यह पानी बादलों में जाकर मिल जाते हैं। जैसे बादल बनते हैं वैसे ही यह प्रक्रिया होती है। जलस्तंभ हवा की वजह से बनता है। जब आसमान में सक्रिय बादलों का निर्माण होता है तो उसी समय यह क्रिया होती है। बादल जिस तरफ से आ रहे हैं उससे विपरीत की हवा आने पर यह बनते हैं। जब हवा एक गोलाई में ऊपर उड़ती है। तभी ये बनता है। ज्यादातर जलस्तंभ ताकतवर नहीं होते। यह 20 मिनट तक ही रहते हैं। भारत में यह कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन यह प्राकृतिक क्रिया है और अधिक नमी होने पर देखने को मिल सकती है। इससे जलाशय का पानी ऊपर को खींचने लगता है।
वहीं आपदा प्रबंधन के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई। अमर उजाला ने उनको किसानों द्वारा दिया गया वीडियो उपलब्ध करा दिया है। जिस पर उनका कहना है कि वह अभी दिल्ली के वैज्ञानिकों से कन्फर्म करेंगे।