गढी गांव में बना जल घर । संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। गांव गढ़ी बोहर में शुद्ध पेयजल की किल्लत है। गांव वालों का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग से सप्लाई होने वाला पानी तिलियार झील के पास बने ट्यूबवेल से हो रहा है। यह पानी पीने लायक नहीं है, वहीं कार्यकारी अभियंता भानू शर्मा का दावा है कि गढ़ी बोहर में वाटर तृतीय से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
गांव गढ़ी बोहर की आबादी करीब आठ से नौ हजार है। गांव वालों को शुद्ध पेयजल देने के लिए करीब तीन दशक पहले यहां जलघर बनाया गया था, जो साल 2010 से बंद पड़ा है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहर से इस जलघर तक बिछी पाइप लाइन में लीकेज होने और कुछ अन्य तकनीकी समस्या के कारण यहां के स्टाफ को सोनीपत रोड स्थित वाटर वर्क्स तृतीय में स्थानांतरित कर वहीं से गांव गढ़ी बोहर को पानी सप्लाई दी जा रही है। वहीं गांव वालों का कहना है कि उन्हें जो पानी मिल रहा है वह जनस्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल से सप्लाई कर रहा है। गांव वालों का कहना है कि यह पानी अशुद्ध है और उसे वह मजबूरी में पीने को विवश हैं। उन्होंने जलघर से शुद्ध पानी सप्लाई करने की मांग कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की है, लेकिन उनकी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका।
जल्द ही निर्माणाधीन जलघर से सप्लाई होगा गांव को पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता भानू शर्मा का कहना है कि गांव गढ़ी बोहर को फिलहाल सोनीपत रोड स्थित वाटर वर्क्स तृतीय से पानी सप्लाई किया जा रहा है। साथ ही यहीं पर अमृत योजना से नए जलघर का भी निर्माण किया जा रहा है। इसका निर्माण जल्द ही पूर्ण होने वाला है। भविष्य में नए जलघर से गांव गढ़ी बोहर को जोड़ दिया जाएगा और उससे पानी की सप्लाई की जाएगी।
गांव निवासी सत्यवान, बलराज सिंह, राजेंद्र नांदल और वजीर सिंह कहते हैं गांव की सबसे बड़ी समस्या शुद्ध पानी की है। शुद्ध पानी न मिलने के कारण हर कोई पेट का रोगी है। गांव में जन स्वास्थ्य विभाग की पाइप लाइन बिछी है और पानी की सप्लाई भी आती है, लेकिन शुद्ध पानी नहीं मिलता, क्योंकि 10 साल पहले खराब हुए जलघर को आज तक नहीं बनवाया जा सका। अब जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह ट्यूबवेल का है। इस बात को वह कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने उठा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हर बार कुछ न कुछ नई बात बता कर पल्ला झाड़ लेते हैं। फिलहाल उन्हें जलघर का शुद्ध पानी दिलाया जाए। क्योंकि डॉक्टर भी कहते हैं कि स्वस्थ शरीर तभी होगा जब शुद्ध पानी मिलेगा।