रोहतक। डेढ़ साल बाद प्रदेश सरकार को याद आया है कि रोहतक, पानीपत, करनाल, हिसार व यमुनानगर में सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव न कराना हरियाणा नगर निगम चुनाव (संशोधन) नियम 2018 का उल्लंघन है। इसके लिए शहरी निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने पांचों निगम आयुक्तों को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर दोनों पदों के लिए चुनाव कराने के लिए कहा है।
आयुक्त को पत्र मिलने की सूचना के बाद भाजपा के पार्षद पार्टी के अंदर ही सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि हाउस में मेयर के अलावा 22 में से 20 पार्षद भाजपाई हैं। ऐसे में जिसे पार्टी मैदान में उतारेगी, उसका कुर्सी तक पहुंचना तय माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस समर्थक दो पार्षदों की निगाह अपने पुराने साथियों के साथ मिलकर क्रॉस वोटिंग पर रहेगी।
गौरतलब है कि नगर निगम का गठन 17 मार्च 2010 को हुआ था, जिसका पहला चुनाव 2013 में हुआ, जिसमें कांग्रेस का दबदबा रहा। हुड्डा समर्थक रेनू डाबला मेयर, मंजू हुड्डा सीनियर डिप्टी मेयर व अशोक भाटी डिप्टी मेयर बने। 2018 में भाजपा ने मेयर व पार्षद चुनाव पार्टी के चिह्न पर लड़ा, जबकि कांग्रेस ने समर्थक प्रत्याशियों को समर्थन किया। 19 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम में भाजपा के मनमोहन गोयल मेयर बने। पार्टी 22 में से 8 वार्डों में चुनाव जीतने में कामयाब रही। वहीं, 9 निर्दलीय प्रत्याशी और 5 कांग्रेस समर्थक पार्षद बने। इसके बाद हाउस के अंदर उठापठक शुरू हो गई। लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाली पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा व पार्षद अनिल कुमार भाजपा में आ गए। साथ में वे निर्दलीय पार्षद भी आए, जिनको कांग्रेस के करीब माना जाता था।
मुख्यालय से सहायक निदेशक का पत्र आया है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव कराने के लिए कहा है। कोरोना संक्रमण के कारण राजनीतिक गतिविधियों पर रोक है। ऐसे में डीसी से अनुमति लेकर दोनों पदों के चुनाव के लिए प्रक्रिया शुरू करेंगे।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
पार्टी तय करेगी प्रत्याशी
मुख्यालय से आए पत्र की मुझे सूचना नहीं है। इस संबंध में निगम आयुक्त से बात करेंगे। जहां तक सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के लिए प्रत्याशी का सवाल है, यह पार्टी तय करेगी। कई पार्षद अपना दावा जता रहे हैं।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम