विजय नगर हत्याकांड में पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल आरोप पत्र के साथ दी गईं पांच में से चार सीडी खाली मिली हैं। बचाव पक्ष ने अदालत में याचिका दायर करके रिकवरी, ज्वेलरी व पूछताछ से जुड़ी सीडी सहित पूरा रिकॉर्ड व पीजीआई व गुरुग्राम में दाखिल रही नेहा के उपचार का ब्योरा मांगा है। अदालत ने पुलिस को 21 दिसंबर तक का समय दिया है। उधर, हाईकोर्ट ने पुलिस से जांच का ब्योरा लिखित में 20 जनवरी तक मांगा है।
बचाव पक्ष के वकील शिवराज मलिक ने बताया कि आरोप पत्र की गहराई से जांच-पड़ताल की गई। पुलिस की तरफ से आरोप के साथ पांच सीडी जमा करवाई गई थी। पांच में से चार सीडी खाली मिली हैं। केवल घटनास्थल का बनाया गया वीडियो ही एक सीडी में मिला है। इसके अलावा हथियार की बरामदगी, होटल, ढाबे व किराना स्टोर की सीडी खुल ही नहीं रही है। ऐसे में अदालत में याचिका दायर करके सीडी दोबारा मांगी गई है।
परिवार के चार लोगों की हुई थी हत्या
वहीं, एफआईआर के मुताबिक गोली लगने से प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, सास रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बबलू की बेटी नेहा की पीजीआई में दो दिन बाद मौत हुई थी। वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस की तरफ से नेहा के उपचार से जुड़ा रिकॉर्ड आरोप पत्र के साथ जमा नहीं करवाया है। ऐसे में उनको नेहा के उपचार का पूरा ब्योरा भी दिया जाए।
हाईकोर्ट ने लिखित में मांगा जांच का ब्योरा
उधर, हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के वकील शिवांसु मलिक ने बताया कि पुलिस की तरफ से सरकार के माध्यम से मंगलवार को अदालत में जांच का ब्योरा देना था। आखिर किस-किस तरीके से जांच-पड़ताल की गई। हाईकोर्ट में लिखित ब्योरा नहीं दिया गया। अदालत ने 20 जनवरी तक ब्योरा कोर्ट को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
अभिषेक की वीसी से लगी हाजिरी
पुलिस की तरफ से न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं किया गया। आरोपी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में हाजिरी लगाई गई। अब मामले में अगली पेशी 21 दिसंबर को होगी।