10-पीजीआईएमएस की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों की भीड़। संवाद
रोहतक। पीजीआईएमएस की ओपीडी में वीरवार को भी सर्वर व्यवस्था ठप रही। चार दिन से यूपीएस खराब होने से इलाज की ऑनलाइन व्यवस्था डगमगाई हुई है। दो साल पहले ही इस्तेमाल की अवधि खत्म हो गई थी। इसकी जानकारी सेल ने प्रशासन को भी दे दी थी। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया। अब इनको बदलने पर करीब 30 लाख का खर्च आएगा।
ऐसी स्थिति में ओपीडी में पुराने तरीके से मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। इनकी रिपोर्ट हाथ से ही लिखकर दी जा रही है। पांच में दो टेस्ट मुश्किल से हो रहे हैं। मरीजों की सिर्फ एचबी और पेशाब की जांच ही हो रही है। ऐसे में मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए जाना पड़ रहा है।
खानापूर्ति के नाम पर मरीजों के रोजाना करीब 300 सैंपल लेकर रखे जा रहे हैं जबकि मशीनें बंद पड़ी हैं। जो टेस्ट हो रहे हैं, उनकी रिपोर्ट मिलने में समय लग रहा है।
जांच के लिए बनने वाली पर्ची पर बारकोड लगता है। मशीनों में इसके स्कैन होने के बाद ही टेस्ट या जांच हो पाती है। सर्वर ठप होने के कारण ये मशीनें बंद पड़ी हैं। इनकी रिपोर्ट मरीज ई-उपचार वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड करते थे।
मरीजों को सप्ताहभर यही व्यवस्था रहेगी कहकर वापस भेजा जा रहा है। निजी लैब पर टेस्ट के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। पीजीआई से सारे मरीज वहां टेस्ट कराने को मजबूर हैं। इसका असर मरीजों की जेब पर पड़ रहा है। पीजीआई में दूर-दूर से सस्ते व बेहतर इलाज के लिए मरीज पहुंचतेे हैं लेकिन उनको निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
यूपीएस खराब होने के बारे में मेडिकल सुपरिंटेंडेट डॉ. कुंदन मित्तल से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
10-पीजीआईएमएस की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों की भीड़। संवाद