साइबर थाना पुलिस ने पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान वेस्ट मुंबई निवासी अरमान और ईस्ट मुंबई निवासी वरुण के रूप में हुई है। दोनों 12वीं पास हैं और अब तक 15 से अधिक वारदात को अंजाम दिया है।
सबसे बड़ी ठगी रोहतक में 9 लाख रुपये की गई थी। इसमें पुलिस ने आरोपियों से 2.20 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस ने रोहतक अदालत में पेश कर आरोपियों की 8 दिन का रिमांड मांगा था। अदालत ने उसे मंजूर कर लिया है।
नेहरु कॉलोनी निवासी विजेंंद्र की शिकायत पर साइबर पुलिस ने 28 अक्तूबर-2024 को केस दर्ज करके जांच शुरू की थी। आरोपियों ने अपने आपको एचडीएफसी कारगो पॉलिसी टीम से बताया था। आरोपियों ने बताया था कि उनकी पॉलिसी के नंबर को ड्रॉ में शामिल कराया जा रहा है। इसका लाभ क्रेडिट कार्ड के खाते में जाएगा। इसके लिए विजेंद्र के क्रेडिट कार्ड का नंबर लिया और फिर ओटीपी लेकर उससे 9,07,315 रुपये की ठगी कर ली थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो दोनों की लोकेशन मुंबई में मिली। उनको मुंबई घर के पास से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रोहतक लाए गए। आरोपियों के कब्जे से 2.20 लाख, तीन मोबाइल जब्त किए गए हैं। आरोपियों को 8 दिन की रिमांड पर पुलिस को दिया गया है। दोनों आरोपी पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे।
कुछ विशेष बात, जिनका रखें ध्यान-
-किसी भी बैंक अधिकारी-कर्मचारी की ओर से ऐसे कॉल नहीं की जाती।
-पाॅलिसी के लिए किसी भी बैंक क्रेडिट कार्ड की कोई जरूरत नहीं होती।
-इस तरह किसी भी कंपनी की ओर से कोई ड्राॅ नहीं निकाला जाता।
-अनजान व्यक्ति को बैंक खाते/क्रेडिट-डेबिट कार्ड का ओटीपी न दें
-किसी भी तरह के बोनस या लालच में आए तो रकम गंवा देंगे।
9 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने दोनों की 8 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है।
- कुलदीप सिंह, प्रभारी थाना साइबर निरीक्षक।