नगर निगम की टीम मंगलवार को संपत्ति कर के 50 बड़े बकायेदारों की सीलिंग करने निकलेगी। करीब 30 करोड़ रुपये के बकायेदारों की संपत्ति सील करना टीम के लिए चुनौती होगा, क्योंकि इनमें कई नामचीन भवन निर्माताओं की कॉलोनियां भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार निगम टीम कॉलोनियों को सील नहीं करेगी बल्कि नामचीन बिल्डर्स के दफ्तरों को सील किया जाएगा।
नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत 1.98 लाख संपत्ति से कर की वसूली है। चालू वित्तीय वर्ष में निगम करीब 14 करोड़ रुपये ही वसूल सका है, इससे माली हालत काफी गड़बड़ा गई है। सोमवार को संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने जोन टैक्स ऑफिसर (जेडटीओ) अंकित गुलिया और जेडटीओ अशोक कुमार के साथ बैठक करके मंगलवार से बड़े 50 बकायेदारों की सीलिंग करने के लिए रणनीति बनाई। इसमें तय किया गया कि निगम की टीम सुबह करीब 11 बजे सीलिंग कार्रवाई करने के लिए पुलिस फोर्स के साथ रवाना होगी। कोशिश होगी कि पहले ही दिन ज्यादा से ज्यादा बकायेदारों की सीलिंग की जाए। संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि दोनों जेडटीओ को बैठक करके मंगलवार को 50 बड़े बकायेदारों की सीलिंग करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। विरोध की आशंका के चलते टीम के साथ पुलिस फोर्स भी रहेगा।