रोहतक। इस बार चैत्र नवरात्र नौ दिन का होगा और माता रानी घोडे़ पर सवार हो कर आ रही हैं। दो अप्रैल को सनातन धर्म हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2079 का प्रारंभ भी हो रहा है। वर्तमान में नल नामक संवत्सर का शुभारंभ होने वाला है। इसके राजा शनि रहेंगे, इसके फलस्वरूप इस वर्ष उपद्रव, युद्ध, दंगे, मारकाट के लिये अनेक देशों में अनुकूल वातावरण बना रहेगा। इसलिए माता की आराधना कल्याणकारी रहेगी।
इस वर्ष मंत्री गुरु हैं, जिसके फलस्वरूप सभी प्रकार के अनाजों का पर्याप्त उत्पादन होगा और वर्षा भी प्रचुर मात्रा में होगी। यह जानकारी दुर्गा भवन मंदिर के पुजारी आचार्य मनोज मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि चैत्र और आश्विन मास के नवरात्र में देवी प्रतिमा स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा-आराधना की जाती है। दो अप्रैल को मंदिरों एवं घरों में घट स्थापना की जाएगी। अनेक श्रद्धालु नौ दिनों अपने घरों में घट-स्थापना कर अखंड ज्योति की स्थापना कर नौ दिनों का उपवास रखेंगे।
नवरात्र में घट-स्थापन एवं अखंड ज्योति जलाने का शुभ मुहूर्त
सुबह 7:47 से 9:30 तक शुभ मुहूर्त
दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक, शुभ मुहूर्त
नौ दिन तक सुबह की आरती व पूजा मुहूर्त
6 से 9 बजे तक
सायंकालीन आरती व पूजा मुहूर्त
सायं 6:00 से 9:00 बजे तक
खास दिन खास पूजा
पहले दिन : शैलपुत्री माता
दूसरे दिन : ब्रह्मचारिणी माता
तीसरे दिन : चंद्रघंटा माता
चौथे दिन : कुष्मांडा माता
पांचवें दिन : स्कंद माता
छठवें दिन : कात्यायनी माता
सातवें दिन : कालरात्रि माता
आठवें दिन : महागौरी माता
नवमी दिन : सिद्धिदात्री माता