रोहतक। शहर की पांच लाख से अधिक आबादी को आज से पेयजल संकट झेलना पडे़गा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वीरवार से 10 मिनट की पेयजल सप्लाई में कटौती करेगा। वहीं दो अप्रैल से 13 अप्रैल तक महज एक वक्त ही पानी मिलेगा। जल घरों की क्षमता नहीं बढ़ने के कारण इस साल भी गर्मियों में शहर के लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पडे़गा।
शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था जेेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) और बीएसबी (भालौट सब ब्रांच) दो नहरों पर टिकी है। सामान्य रोस्टर के अनुसार जेएलएन में 16 दिन और बीएसबी में आठ दिन पानी चलता है। इसके बाद आठ दिन के अंतराल पर जेएलएन में फिर पानी आ जाता है। शहर के जल घरों की स्टोरेज क्षमता महज आठ दिन का पानी स्टोर करने की है। गर्मियों में यह अंतराल जब दो सप्ताह का होता है तो पेयजल सप्लाई एक समय कर दी जाती है। पिछले दिनों इस समस्या से बचने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को तीन दिन अतिरिक्त पानी मिला था, जोकि अब समाप्त हो चुका है। इससे पेयजल समस्या फिर शुरू होने जा रही है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सिंचाई विभाग से लगातार पत्राचार करता आ रहा है कि वह रोस्टर में बदलाव न करें। यदि वह करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त पानी नहर में दें ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो। गौरतलब है कि विगत दिनों यह मामला विधानसभा में भी उठाया गया था, इस पर जल्द रोस्टर में बदलाव का आश्वासन मिला है। इससे उम्मीद बंधी थी कि शहरवासियों को गर्मी में पेयजल संकट नहीं झेलना पड़ेगा। मगर फिलहाल ऐसा होता नहीं प्रतीत नहीं हो रहा है।
रोजाना 80 एमएलडी होती है पेयजल सप्लाई
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार वर्तमान में 80 एमएलडी पेयजल की रोजाना आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल शहर की जरूरत को देखते हुए सिंचाई विभाग से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तीन दिन अतिरिक्त पानी लिया था। लेकिन अब फिर यह समस्या शुरू हो रही है। फिलहाल विभाग को तीनों जल घरों में जमा पानी से 13 अप्रैल तक पेयजल आपूर्ति चलानी है। इसलिए इसमें कटौती की जानी है। शुरुआत में यह कटौती दस मिनट की है, जोकि बाद में एक समय की हो जाएगी।
जल घरों की क्षमता बढ़ाने के सभी उपाय फेल
शहर के तीन जल घरों की क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग के सभी उपाय फेल हो चुके हैं। विभाग ने अपने टैंकों की क्षमता बढ़ाने के लिए पहले उनकी सफाई करवाई और नई जगह की तलाश की जा रही है ताकि टैंक बनाया जा सके। सबसे अहम जल घर एक हैं, यहां शहर की 40 प्रतिशत आबादी को पेयजल सप्लाई किया जाता है। शहर का सबसे पुराना जल घर होने के चलते यहां की स्टोरेज क्षमता सबसे कम है।
जल घरों से सप्लाई होने वाला पेयजल
जल घर नंबर एक 27 एमएलडी
जल घर दो 43 एमएलडी
जल घर तीन 18.16 एमएलडी
स्टोरेज क्षमता
जल घर एक 213014450 लीटर
जल घर दो 310753000 लीटर
जल घर तीन 362224450 लीटर
देव कॉलोनी 22850016 लीटर
चार से पांच जोन बनने में होती है समस्या
नहरी पानी सामान्य दिनों में चार जोन में रहता है। इसमें दो सप्ताह जेएलएन व एक सप्ताह बीएसबी में पानी आता है। इसके बाद एक सप्ताह के अंतराल के बाद फिर जेएलएन में पानी आता है। आठ दिन की स्टोरेज क्षमता होने के चलते काम चल जाता है। जबकि पांच जोन बनने पर नहर में दो सप्ताह पानी का अंतराल आ जाता है। इससे पेयजल सप्लाई एक समय दी जाती है। पांच जोन गर्मियों में किया जाता है, इससे समस्या शुरू हो जाती है।
वर्जन
फिलहाल जेएलएन में पानी छोड़ने का रोस्टर नहीं बदला है। इसलिए 13 अप्रैल तक पानी आएगा। नहर में काम चल रहा है, इसलिए जरूरत पड़ने पर बीच में पानी नहीं छोड़ा जा सकता।
- सतीश, अधीक्षण अभियंता जेएलएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
बीएसबी में तीन दिन अतिरिक्त पानी छोड़ा है, जो वीरवार तक आएगा। 31 मार्च से 13 मार्च तक जलघरों में जमा पानी से आपूर्ति की जाएगी। इसलिए वीरवार से 10-10 मिनट की कटौती होगी।
- अनिल रोहिल्ला, एसडीओ, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग