पत्रकारों से बातचीत में जयहिंद ने पहरावर जमीन मामले में सरकार पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया। खिलाड़ियों को राजनीति से जुड़े लोगों को धरने से अलग रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो।
मुख्यमंत्री पहरावर की जमीन से जुड़े सवालों से भागते नजर आ रहे हैं। उनमें सवालों के जवाब देने तक की हिम्मत नहीं है। ब्राह्मणों को सीएम ने कोई जमीन नहीं दी है। यह बात नवीन जयहिंद ने पत्रकारों से बातचीत में कही। यहां मुख्यमंत्री के लिए अपशब्द कहते हुए सांसद पर भी तंज कसे।
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जयहिंद ने कहा कि सरकार खुलेआम झूठ का प्रचार करने में लगी है। पहरावर में 21 मई को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसे पहले सरकार ने रद्द करा दिया था। इस समारोह को 36 बिरादरी के लोग रोजाना 21 मिनट, 21 फोन कॉल या 21 रुपए देकर सफल बनाने में सहयोग करें। परशुराम जन्मोत्सव मनाए जाने के दौरान भक्तों पर दो हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएगे।
जंतर मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों के मामले में उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का इस तरह धरने पर बैठना न सिर्फ प्रदेश, बल्कि देश के लिए भी शर्मनाक है। खिलाड़ियों को राजनीति से जुड़े लोगों को धरने से अलग रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो। यह जांच एक महीने में पूरी कर कमेटी सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करे। आरोपी व आरोप लगाने वाले खिलाड़ियों का भी नार्को टेस्ट कराया जाए।
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प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम पर व्यंग कसते हुए उन्होंने कहा कि देश ने 100 बार मन की बात सुन ली है। अब जनता के मन की बात भी सुन ली जाए। अपने ही लोगों को अपने कार्यक्रमों में बैठाने से कुछ नहीं होगा। जनता के बीच जाने पर सच्चाई पता चल जाएगा।