कनाडा से करोड़पति बनकर लौटे सैनिक कॉलोनी के युवक सतीश को हत्या के मामले में 19 माह बाद जिला अदालत से आंशिक तौर पर जमानत मिल गई। क्योंकि पुलिस ने उससे जो चाकू बरामद दिखाया है, उसका रिकॉर्ड में स्कैच बरामदगी से एक दिन पहले बनाया गया है। बचाव पक्ष के वकील ने इस बात को वीरवार को सेशन जज एसके नारंग के सामने रखा और पुलिस की बरादगी पर सवाल उठाया। कोर्ट ने आरोपी सतीश को एक माह के लिए आंशिक जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के वकील विनोद अहलावत ने बताया कि सोनीपत जिले के गांव पीपली निवासी संजय व अन्नु ने शिवाजी कॉलोनी थाने में एक मई 2019 को बताया था कि उसका पिता रामेश्वर मिस्त्री के तौर पर काम करता था, जिसकी भिवानी चुंगी पर वेल्डिंग की दुकान है। उसका पिता जेसीबी के पंजे को ठीक कर रहा था। इसी बीच सैनिक कॉलोनी निवासी सतीश आया और कहने लगा कि उसका काम क्यों नहीं किया। उसके पिता ने कहा कि अब कर देता हूं। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप था कि सतीश ने रामेश्वर की छाती में चाकू घोंप दिया और मौके से स्कूटी पर सवार होकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को हत्या के आरोप गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह सुनारिया जेल में बंद था। कोर्ट ने उसे एक माह के लिए आंशिक जमानत दी है।
2 मई को बनाया स्कैच, 3 मई को दिखाई पुलिस ने चाकू की बरामदगी
अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि हत्या के मामले में पुलिस ने जो चालान पेश किया है, उसमें आरोपी युवक सतीश से चाकू बरामद दिखाया गया है। उस चाकू जो स्कैच तैयार किया गया है, उसे 2 मई को तैयार किया गया दर्शाया गया है। जबकि गिरफ्तारी 3 मई को करते हुए बताया गया है कि आरोपी ने चाकू घर के पीछे कबाड़ में छुपा रखा था। अब सवाल उठता है कि जब पुलिस 3 मई को चाकू बरामद करती है तो उसी चाकू का स्कैच दो मई को कैसे तैयार किया गया।
कनाडा में करता था नौकरी, अदालत में पासपोर्ट जमा
वकील ने बताया कि सतीश कई साल कनाडा में रहा और एमबीए करने के बाद वहीं नौकरी करता था। करोड़पति होकर वह रोहतक आया। बाद में पुलिस ने उसे हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया। वह मानसिक तौर पर परेशान है। उसका उपचार करवाया जाना है। अदालत ने आरोपी का पासपोर्ट अदालत में जमानत करवाने पर उसे आंशिक जमानत दे दी है।