रोहतक के गांव पहरावर में गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को दी गई जमीन के मामले को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि मामले में निगम और संस्था के बीच लगातार पत्राचार हो रहा है। नगर निगम के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
निगम प्रशासन का कहना कि 18 अप्रैल 2022 को सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि लीज में अंकित शर्तों के अनुसार 2009 से 2014 तक की पांच किस्तें जमा करवा दी गई हैं। अब वह वर्ष 2014 से वर्ष 2022 तक की कुल 9 किस्तों के 11 लाख 40 हजार रुपये जमा करवाए जाने हैं। संस्था यह राशि जमा करवाना चाहती है। संबंधित विभाग द्वारा जल्द इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके निर्णय लिया गया है। निगम प्रवक्ता ने बताया कि संस्था ने वर्ष 2009 में पट्टा लिया था, लेकिन शर्तों के अनुसार दो साल के अंदर भवन निर्माण शुरू नहीं किया। इस बारे में समय-समय पर नगर निगम द्वारा संस्था के साथ पत्राचार भी किया गया तथा कार्य में देरी का कारण पूछा गया। इसके अलावा 2014 में संस्था द्वारा 1 लाख 25 हजार रुपये जमा के लिए निगम से अनुरोध किया था, परंतु उस राशि को निगम द्वारा यह कहते हुए लौटा दिया गया कि उनके द्वारा नियम व शर्तों तथा समयावधि के अंदर भवन निर्माण नहीं किया गया। इस बारे में निगम द्वारा संस्था को डिफॉल्ट का नोटिस जारी किया और शहरी स्थानीय निकाय विभाग (डीयूएलबी) द्वारा नगर निगम रोहतक को जून 2014 को लीज की शर्त अनुसार कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए।
निगम का कहना है कि यह भूमि हरियाणा सरकार संपदा विभाग द्वारा ली गई थी, जिसको 2009 को रिलीज भी कर दिया गया था। जिस बारे रिलीज भूमि का विकास व्यय की राशि हुडा विभाग में जमा करवानी थी परंतु उक्त राशि संस्था द्वारा जमा नहीं करवाई गई थी। नियम व शर्तों के अनुसार गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा का समय 6 फरवरी 2011 को समाप्त हो चुका है तथा शर्तों के अनुसार लीज स्वत: निरस्त हो चुकी है।