रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की जमीन पर कन्हेली पुल के पास प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया। प्रशासन की ओर से मिस्त्री भेजकर उस दीवार का पुनर्निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया जिसे कथित रूप से बिना विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के अवैध तरीके से तोड़ा गया था।
इस मुद्दे को लेकर गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ ने आपात कार्यकारिणी बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के माध्यम से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में 10 दिनों के भीतर जमीन से जुड़े विवाद पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय की जमीन को बाहरी निर्माण कार्य के लिए नहीं दिया जाएगा।
इस अवसर पर संघ के प्रधान सुरेश कौशिक, उपप्रधान प्रेम सजवान, महासचिव डॉ. विजय पाल, सह सचिव राजकुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत, पूर्व प्रधान जयबाग, पूर्व प्रधान कुलवंत मलिक व अन्य मौजूद रहे।